देश की खबरें | राज्य द्वारा आपराधिक प्रक्रिया के दुरुपयोग से लगातार निपट रही है शीर्ष अदालत : पूर्व न्यायाधीश राव

नयी दिल्ली, 15 अगस्त उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति एल एन राव ने सोमवार को कहा कि शीर्ष अदालत राज्य द्वारा आपराधिक प्रक्रिया का दुरुपयोग करने और आलोचनात्मक स्वरों को दबाने के लिए असहमति जताने वालों पर चुनिंदा तरीके से मुकदमा दायर करने के मामलों से सतत तरीके से निपटती रही है।

न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) राव ने एक समारोह में यहां अपने भाषण में कहा, ‘‘आपराधिक अभियोजन शुरू करने के प्रति मुखर रवैया प्रक्रिया में सजा शामिल होने के समान हो सकता है। सरकार जिन्हें अपने अधिकार या वैधता को चुनौती देने वाला समझती है, उनके लिए यह एक तरीका या धमकी या रोकथाम हो सकती है’’

उन्होंने वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल के हाल में दिये इस बयान से भी इत्तेफाक नहीं जताया कि उनका उच्चतम न्यायालय पर भरोसा नहीं रहा है।

गत सात जून को ही शीर्ष अदालत से सेवानिवृत्त हुए न्यायमूर्ति राव ने कहा कि केवल इसलिए कि कुछ फैसले किन्हीं लोगों की पसंद के नहीं है, इसलिए ‘‘हम एक संस्था को लेकर उम्मीद नहीं खो सकते जो पिछले 75 वर्ष से लोगों के अधिकारों की रक्षा कर रही है।’’

‘जीवन और स्वतंत्रता: आजादी के 75 वर्ष होने पर भारत’ विषय पर उन्होंने कहा कि यह स्वीकार्य सिद्धांत है कि ‘जमानत एक व्यवस्था है, जेल अपवाद है’।

उन्होंने कहा कि इसके बावजूद भारत में कारागार विचाराधीन कैदियों से भरे पड़े हैं।

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