देश की खबरें | ठाणे की अदालत ने अवैध बांग्लादेशी प्रवासी को वापस भेजने का आदेश दिया

ठाणे, 10 मार्च महाराष्ट्र में ठाणे जिले की एक अदालत ने अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने और बिना वैध दस्तावेजों के यहां रहने के दोषी एक बांग्लादेशी नागरिक को देश से निर्वासित करने का आदेश दिया है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जी. टी. पवार ने दोषी विमल रंजीत विश्वास को एक साल और 54 दिन की सजा सुनाई जो वह पहले ही हिरासत में काट चुका है। इसके अलावा, अदालत ने उस पर 1,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि कानूनी प्रक्रियाओं के पूरा होते ही दोषी को बांग्लादेश भेज दिया जाए। यह आदेश पांच मार्च को जारी किया गया था जिसकी प्रति सोमवार को उपलब्ध कराई गई।

पुलिस ने विमल रंजीत विश्वास को नौ जनवरी 2024 को भायंदर के एक औद्योगिक क्षेत्र से हिरासत में लिया था।

जांच के दौरान पाया गया कि वह वैध दस्तावेजों के बिना काम कर रहा था। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह बांग्लादेशी नागरिक है और उसने एक एजेंट को 20,000 रुपये देकर अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया था।

न्यायाधीश जी. टी. पवार ने अपने आदेश में कहा कि विदेशी अधिनियम की धारा नौ के तहत दोषी पर यह साबित करने की जिम्मेदारी थी कि वह भारत में वैध रूप से रह रहा है।

अदालत ने कहा कि दोषी ने जांच या सुनवाई के दौरान भारतीय नागरिकता या भारत में वैध रूप से प्रवेश करने से जुड़ा कोई दस्तावेज पेश नहीं किया।

दोषी ने अपनी सजा पहले ही काट ली है, इसलिए अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि उसे तुरंत बांग्लादेश वापस भेजने की प्रक्रिया पूरी की जाए।

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