थाकसिन ने कहा कि स्वदेश वापसी के उनके फैसले का संसद में प्रधानमंत्री पद के वास्ते फ्यू थाई पार्टी के उम्मीदवार के लिए होने वाले संभावित मतदान से कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि, कई लोगों का मानना है कि थाईलैंड लौटने का थाकसिन का कदम सत्ता हासिल करने की उनकी पार्टी की कोशिशों का हिस्सा है।
थाकसिन सिंगापुर से अपने निजी जेट विमान से देश के लिए रवाना हुए और स्थानीय समयानुसार सुबह करीब नौ बजे डॉन म्युआंग अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचे।
थाईलैंड के प्रसारकों ने हवाई अड्डा पर निजी जेट विमान से अपनी बेटी और फ्यू थाई की अहम सदस्य पाएतोंगतार्न शिनवात्रा के साथ उतरते थाकसिन की तस्वीरें प्रसारित कीं। शिनवात्रा के समर्थकों ने हवाई अड्डा पर उनका स्वागत किया।
हवाई अड्डा से निकलने के बाद थाकसिन ने टर्मिनल के द्वार पर लगी थाईलैंड के राजा और रानी की तस्वीर पर पुष्पमाला अर्पित की और उन्हें नमन किया।
थाकसिन के पहुंचने के घंटों पहले से ही उनके स्वागत में हवाई अड्डा पर समर्थक जमा हो गए थे। इस दौरान फ्यू थाई पार्टी के अहम नेता भी वहां मौजूद थे।
अरबपति नेता थाकसिन (74) ने लोकलुभावन नीतियों को बढ़ावा दिया और अपनी थाई राक थाई पार्टी को मजबूत स्थिति में ले आए। वह 2001 में पहली बार प्रधानमंत्री चुने गए। इसके बाद 2005 में एक बार फिर इस पद पर काबिज हुए। हालांकि, 2006 में सैन्य तख्तापलट के बाद अपदस्थ किए जाने पर वह निर्वासन में चले गए।
थाकसिन की अनुपस्थिति में उन्हें कई आपराधिक मामलों में दोषी ठहराया गया। इन आरोपों के बारे में थाकसिन का कहना था कि ये राजनीति से प्रेरित हैं और शाही माफी मिलने तक उन्हें जेल की सजा काटनी पड़ सकती है।
शनिवार को ‘बीबीसी थाई’ के साथ एक साक्षात्कार में थाकसिन ने कहा कि मतदान की तारीख तय होने से पहले ही उनकी स्वदेश वापसी की योजना थी और वह थाई कानूनी प्रक्रिया का पालन करने के लिए तैयार हैं।
मई में होने वाले चुनाव से एक सप्ताह से पहले थाकसिन ने घोषणा की थी कि वह जुलाई में अपने जन्मदिन पर स्वदेश लौट सकते हैं। लेकिन थाईलैंड लौटने की उनकी योजना बार बार टलती रही।
एपी
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