नयी दिल्ली, 21 फरवरी शिवसेना के उद्धव ठाकरे नीत खेमे ने मंगलवार को एक असामान्य कदम उठाते हुए उच्चतम न्यायालय से अनुरोध किया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके खेमे के शिवसेना विधायकों के खिलाफ लंबित अयोग्यता कार्यवाही पर फैसला किया जाए।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने कहा कि संविधान की लोकतांत्रिक भावना को कायम रखने का यही एकमात्र तरीका होगा।
पार्टी ने महाराष्ट्र के तत्कालीन राज्यपाल बी एस कोश्यारी के पिछले साल शिंदे को ऐसे समय में मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाने के फैसले पर सवाल उठाया जबकि उनके तथा अन्य विधायकों के खिलाफ अयोग्यता कार्यवाही विधानसभा उपाध्यक्ष के समक्ष लंबित थी।
उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना ने आरोप लगाया कि संवैधानिक पदों पर बैठे राज्यपाल जैसे लोग देश की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ के समक्ष ठाकरे खेमे की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पक्ष रखा।
सिब्बल ने कहा कि सभी जानते हैं कि जब राज्यपाल ने सुबह-सुबह एक व्यक्ति को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई थी और कुछ ही समय बाद उस व्यक्ति को इस्तीफा देना पड़ा था तो क्या हुआ था। वह वस्तुत: भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस के 2019 में शपथ लेने के 80 घंटे के भीतर इस्तीफा देने के घटनाक्रम का उल्लेख कर रहे थे।
वैभव अविनाश
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