जरुरी जानकारी | कपड़ा उद्योग ने सात विशाल टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने के प्रस्ताव का स्वागत किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कपड़ा उद्योग ने बजट 2021-22 में सात विशाल टेक्सटाइल पार्क की स्थापना के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा है कि इस कदम से उद्योग वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकेगा। इसके साथ ही उद्योग ने कहा है कि कच्चे कपास पर 10 प्रतिशत मूल सीमा लगाने के फैसले से घरेलू स्तर पर इसके दाम बढ़ेंगे।
मुंबई, एक फरवरी कपड़ा उद्योग ने बजट 2021-22 में सात विशाल टेक्सटाइल पार्क की स्थापना के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा है कि इस कदम से उद्योग वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकेगा। इसके साथ ही उद्योग ने कहा है कि कच्चे कपास पर 10 प्रतिशत मूल सीमा लगाने के फैसले से घरेलू स्तर पर इसके दाम बढ़ेंगे।
कॉटन टेक्सटाइल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (टेक्सप्रोसिल) के चेयरमैन मनोज पटोदिया ने कहा, ‘‘तीन साल के दौरान विशाल निवेश से ये कपड़ा पार्क (मित्र) के तहत सात टेक्सटाइल पार्क स्थापित किए जाएंगे। यह एक सकारात्मक कदम है। इससे उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने, बड़ा निवेश आकर्षित करने तथा रोजगार सृजन में मदद मिलेगी।’’
हालांकि, पटोदिया ने कच्चे कपास पर 10 प्रतिशत मूल सीमा शुल्क लगाने के फैसले पर चिंता जताई।
भारतीय कपड़ा विनिर्माता संघ (सीएमएआई) के अध्यक्ष राजेश मसंद ने कहा कि सात विशाल टेक्सटाइल पार्क बजट की विशेषता हैं। इससे कपड़ा उद्योग को प्रत्यक्ष लाभ होगा। उन्होंने कहा कि यह सरकार की विशाल परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने की मंशा के अनुरूप है। इससे देश में कपड़ा उद्योग के परिचालन का स्तर बढ़ेगा।
मसंद ने कहा कि सरकार को यह भी पता लगाने का प्रयास करना होगा कि पूर्व में टेक्सटाइल पार्क सफल क्यों नहीं हो पाए।
क्रिसिल रिसर्च के निदेशक (कपड़ा) हेतल गांधी ने कहा कि सात विशाल टेक्सटाइल पार्कों की स्थापना से भारतीय कपड़ा निर्यातकों को वियतनाम और बांग्लादेश जैसे देशों से अपनी वैश्विक प्रतिस्पर्धी क्षमता सुधारने में मदद मिलेगी।
इक्रा ने के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं समूह प्रमुख (कॉरपोरेट क्षेत्र रेटिंग) जयंत रॉय ने कहा कि बजट में कुछ मौजूदा संरचनात्मक तथा लागत दक्षता कमियों को दूर करने का प्रयास किया गया है। इससे भारत वैश्विक परिधान व्यापार में बड़ा हिस्सा हासिल कर सकेगा।
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