कोयंबटूर, आठ अक्टूबर भारतीय कपास के पहले ब्रांड 'कस्तूरी' की पेशकश से कपड़ा निर्माताओं और निर्यातकों को अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में अपने उत्पादों के लिए बेहतर कीमत प्राप्त करने में मदद मिलेगी। भारतीय कपड़ा उद्योग परिसंघ (सीआईटीआई) ने बृहस्पतिवार को यह कहा।
विश्व कपास दिवस पर बुधवार को कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी द्वारा राष्ट्रीय ब्रांड की पेशकश का स्वागत करते हुए, सीआईटीआई के अध्यक्ष टी राजकुमार ने कहा कि यह भारतीय कपास मूल्य श्रृंखला की गुणवत्ता में सुधार लाने और उसे दुनिया में सर्वश्रेष्ठ में से एक के रूप में उभरने में सक्षम बनायेगा।
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राजकुमार ने यहां एक बयान में कहा कि मौजूदा समय में भारतीय निर्यातकों को कपास फाइबर की खराब गुणवत्ता और दूषित कपास के कारण कपास उत्पादों की अच्छी कीमत नहीं मिलती है।
उन्होंने कहा कि भारतीय कपास की उत्पादकता, गुणवत्ता और ब्रांडिंग में सुधार के लिए सरकार द्वारा पहले से ही की जा रही पहल तथा मूल्य श्रृंखला में भारतीय कपास और इसके उत्पादों की ब्रांडिंग का उज्ज्वल भविष्य होगा और इसे विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनायेगा।
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विश्व कपास दिवस भारत के लिए अधिक प्रासंगिक है, क्योंकि कोविड-19 महामारी के कारण देश के साथ साथ दुनिया भर में कपास की खपत में 25 से 30 प्रतिशत की गिरावट आई है।
राजकुमार ने कहा कि सामान्य स्टॉक स्तर से तीन से चार गुना अधिक कपास स्टॉक भारत के लिए एक चुनौती होगा और कपड़ा मंत्रालय पहले से ही खपत को बढ़ाने के अलावा मूल्य श्रृंखला में सभी उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है।
राजकुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि वे कपड़ा मंत्री द्वारा अनुशंसित मिशन मोड दृष्टिकोण के साथ संशोधित प्रारूप में कपास पर प्रौद्योगिकी मिशन की घोषणा करें।
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