जरुरी जानकारी | अप्रैल-जुलाई में घटा कपड़ा निर्यात, त्योहारी मांग से दूसरी छमाही बेहतर रहने की उम्मीद: उद्योग संगठन

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. यूरोप और अमेरिका जैसे प्रमुख बाजारों में मांग सुस्त होने से कपड़ा और परिधान निर्यात चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-जुलाई के दौरान 13.74 प्रतिशत घटकर 1,124.53 करोड़ डॉलर रहा। हालांकि, त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से दूसरी छमाही में इसमें तेजी आने की उम्मीद है। उद्योग संगठन कनफेडरेशन ऑफ इंडियन टेक्सटाइल इंडस्ट्री (सिटी) ने बुधवार को यह जानकारी दी।

नयी दिल्ली, 23 अगस्त यूरोप और अमेरिका जैसे प्रमुख बाजारों में मांग सुस्त होने से कपड़ा और परिधान निर्यात चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-जुलाई के दौरान 13.74 प्रतिशत घटकर 1,124.53 करोड़ डॉलर रहा। हालांकि, त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से दूसरी छमाही में इसमें तेजी आने की उम्मीद है। उद्योग संगठन कनफेडरेशन ऑफ इंडियन टेक्सटाइल इंडस्ट्री (सिटी) ने बुधवार को यह जानकारी दी।

बीते वित्त वर्ष 2022-23 की इसी अवधि में कपड़ा और परिधान निर्यात 1,303.67 करोड़ डॉलर का था।

संगठन ने 2030 तक 350 अरब डॉलर के निर्यात का लक्ष्य हासिल करने का भरोसा भी जताया है।

इस महीने तमिलनाडु के कोयम्बटूर में होने वाले सालाना एशियाई कपड़ा सम्मेलन के बारे में जानकारी देने के लिये आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उद्योग संगठन सिटी के चेयरमैन टी राजकुमार ने कहा, ‘‘वैश्विक बाजारों में चुनौतियों के बीच यूरोप और अमेरिका जैसे प्रमुख बाजारों में मांग सुस्त होने से कपड़ा निर्यात चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-जुलाई के दौरान 13.74 प्रतिशत घटकर 1,124.53 करोड़ डॉलर रहा। लेकिन त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से दूसरी छमाही में इसमें तेजी आने की उम्मीद है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘पहले का बचा माल अब कम हुआ है और त्योहार आने के साथ विभिन्न देशों से मांग आ रही है। दूसरी छमाही में कपड़ा और परिधान क्षेत्र के निर्यात में तेजी आने की उम्मीद है।’’

एक सवाल के जवाब में राजकुमार ने कहा निश्चित रूप से रूस-यूक्रेन युद्ध जारी रहने, मुद्रास्फीति को लेकर चिंता, महंगाई को काबू में लाने के लिये ब्याज दर बढ़ाये जाने से वैश्विक स्तर पर चुनौतियां बनी हुई हैं, लेकिन ऊर्जा समेत कई मोर्चों पर स्थिति पहले से बेहतर है और दूसरी छमाही में स्थिति अच्छी रहने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा, ‘‘कपड़ा और परिधान क्षेत्र से निर्यात बढ़ाने के लिये यूरोपीय संघ, ब्रिटेन, कनाडा जैसे रणनीतिक भागीदारों के साथ मुक्त व्यापार समझौता तेजी से लागू करने, क्षेत्र में विनिर्माण क्षमता के साथ नवोन्मेष बढ़ाने के लिये पीएलआई-दो समेत नई निवेश प्रोत्साहन योजना लाने, प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ाने के लिये कपास पर 11 प्रतिशत शुल्क को वापस लेने समेत अन्य उपाय करने की जरूरत है।’’

संगठन ने क्षेत्र के लिये कम निवेश सीमा और अधिक उत्पादों को शामिल कर पीएलआई-दो योजना लाने का सुझाव दिया है।

सिटी के डिप्टी चेयरमैन राकेश मेहरा ने कहा, ‘‘हमें 2030 तक 350 अरब अमेरिकी डॉलर के निर्यात लक्ष्य हासिल करने का भरोसा है। इस लक्ष्य को हासिल करना कोई मुश्किल काम नहीं है, बशर्ते हम सभी नीति निर्माता और संबंधित पक्ष मिलकर काम करें...।’’

दो दिन का 11वां एशियाई कपड़ा सम्मेलन तमिलनाडु के कोयम्बटूर में 31 अगस्त-एक सितंबर को होगा।

उद्योग संगठन के अनुसार कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल इसका उद्घाटन करेंगे। इसमें वैश्विक कपड़ा और परिधान क्षेत्र से जुड़े 400 से अधिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है।

तमिलनाडु सम्मेलन में भागीदार राज्य है।

इस दौरान, सदर्न इंडिया मिल्स एसोसिएशन (सीमा) के चेयरमैन रवि सैम, टेक्सप्रोसिल (द कॉटन टेक्सटाइल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल) के चेयरमैन सुनील पटवारी और एसआरटीईपीसी (सिंथेटिक एंड रेयॉन टेक्सटाइल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल) के कार्यकारी निदेशक ए रविकुमार समेत अन्य लोग मौजूद थे।

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