देश की खबरें | कश्मीर में मस्जिद में छिपे आतंकियों ने सीआरपीएफ जवान, एक आम नागरिक की हत्या की

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श्रीनगर, एक जुलाई जम्मू कश्मीर के सोपोर कस्बे में एक मस्जिद में छिपे आतंकवादियों ने सीआरपीएफ के एक गश्ती दल पर गोलीबारी की जिसमें एक जवान शहीद हो गया जबकि एक आम नागरिक मारा गया।

अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने गोलियों की बौछार के बीच मारे गए आम नागरिक के तीन साल के पौत्र को बचा लिया।

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अधिकारियों ने बताया कि यहां के करीब 50 किलोमीटर उत्तर में सुबह आठ बजे के थोड़ी देर बाद यह हमला हुआ। इस हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के तीन जवान घायल हुए हैं। हमले के बाद इलाके में दहशत मच गई।

अधिकारियों ने कहा कि सीआरपीएफ कर्मी नियमित गश्त पर थे और उन्होंने आतंकियों पर जवाबी गोलीबारी की लेकिन वे वहां से बचकर निकल गए।

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यह साफ नहीं हो पाया है कि मस्जिद के अंदर कितने आतंकी छिपे थे।

अधिकारियों ने घटना के बारे में बताया कि जब लोग हमले के बाद जान बचाने के लिये वहां से भाग रहे थे तभी अपने पोते के साथ कार में सफर कर रहे 60 वर्षीय बशीर खान अपनी कार छोड़ जान बचाने के लिये भागे, लेकिन वी मारे गए।

जब सीआरपीएफ कर्मियों ने बच्चे को अपने दादा के शव के पास रोते हुए देखा तो उनमें से एक उसे बचाने के लिये आगे बढ़ा जबकि उसके साथियों ने उसे सुरक्षा प्रदान करने के लिये कवर फायर दिया।

इस घटना के बाद खान के बेटे के इस आरोप पर तीखी बहस शुरू हो गई कि उसके पिता को गाड़ी से खींचकर सुरक्षा बलों ने गोली मारी। सीआरपीएफ ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।

सोशल मीडिया पर अपने दादा के शव के पास रोते बच्चे की तस्वीरें वायरल होने के बाद इस बहस को और हवा मिली।

सीआरपीएफ के अतिरिक्त महानिदेशक जुल्फिकार हसन ने सोपोर में संवाददाताओं को बताया, “नागरिक की हत्या आतंकवादियों द्वारा की गई और सोशल मीडिया पर यह सारा शोर सीमा पार से करवाया जा रहा है।”

उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ और दूसरी सुरक्षा एजेंसियां धार्मिक स्थलों का बेहद सम्मान करती हैं और कोई यह सोच भी नहीं सकता कि आतंकवादी छिपने के लिये मस्जिद का इस्तेमाल करेंगे। उन्होंने मुठभेड़ के दौरान जवानों के धैर्य और त्वरित सोच की सराहना की।

मुठभेड़ के बाद पुलिस अधिकारी इलाके के प्रबुद्ध नागरिकों के साथ मस्जिद के अंदर गए और उन्हें मस्जिद की दीवार पर खून के धब्बे नजर आए।

हमले में तीन अन्य साथियों के साथ घायल हुए सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल दीप चंद वर्मा को अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित कर दिया गया।

श्रीनगर के मुस्तफाबाद में एचएमटी इलाके में रहने वाले खान के बेटे के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए एक अधिकारी ने कहा, “किसी को भी हैरानी होनी चाहिए कि मुठभेड़ स्थल से 50 किलोमीटर दूर रहते हुए कोई इस नतीजे पर कैसे पहुंच सकता है कि ऐसी कोई चीज हुई।”

बेटे ने कहा कि उसके पिता सुबह छह बजे निजी काम से पोते के साथ सोपोर के लिये निकले थे।

जम्मू कश्मीर पुलिस ने बाद में सुरक्षा बलों द्वारा बचाए गए बच्चे की तस्वीर अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर डालते हुए लिखा, “सोपोर में आतंकी हमले के दौरान मुठभेड़ में एक तीन साल के बच्चे को गोली लगने से बचाया गया।”

गोलीबारी में सीआरपीएफ के कांस्टेबल बी. राजेश, दीपक पाटिल और नीलेश चावड़े घायल हो गए। उन्हें एक अस्पताल में भर्ती कराया गया।

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