ताजा खबरें | संप्रग के शासनकाल में आतंकवाद ‘पनपा’, ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को पूरे विश्व ने देखा: राजीव रंजन सिंह
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने सोमवार को लोकसभा में आरोप लगाया कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के शासनकाल में देश में आतंकवाद ‘पनपा’। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता विपक्षी पार्टियों को दिखाई नहीं पड़ती, जबकि उसे पूरे विश्व ने देखा।
नयी दिल्ली, 28 जुलाई केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने सोमवार को लोकसभा में आरोप लगाया कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के शासनकाल में देश में आतंकवाद ‘पनपा’। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता विपक्षी पार्टियों को दिखाई नहीं पड़ती, जबकि उसे पूरे विश्व ने देखा।
संसद के निचले सदन में, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा में भाग लेते हुए जनता दल (यूनाइटेड) नेता ने कांग्रेस के गौरव गोगोई के भाषण का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘उन्होंने एक भी शब्द इस देश की सेना की वीरता और पराक्रम पर नहीं कहा। सेना की आप प्रशंसा नहीं कर रहे। बल्कि आप बता रहे हैं कि कितना जहाज गिरा, कितनी मिसाइल गिरीं। क्या आपकी नजर में इस देश के सैनिकों का कोई महत्व नहीं है?’’
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संप्रग के शासनकाल (2004 से 2014 तक) में देश में आतंकवाद ‘पनपा’ और उसे जगह मिली। उस अवधि के दौरान देश में जो आतंकी घटनाएं हुईं, उनमें 615 लोग मारे गए।
सिंह ने संप्रग शासनकाल के दौरान देश में हुए आतंकी हमलों का उल्लेख किया और कहा कि 26 नवंबर 2008 को मुंबई में आतंकियों का कब्जा था और आतंकी कैसे घुसे थे, उन्हें बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि उस हमले में 175 लोग मारे गए थे और 300 लोग घायल हुए थे।
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आतंकवाद से लड़ने का ‘‘आपमें न तो साहस था और न ही दम। आप केवल खानापूर्ति करते थे और घड़ियाली आंसू बहाते थे।’’
जद (यू) नेता ने कहा कि पूरे देश ने देखा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की ओर से दागी गईं सारी मिसाइल हवा में फुलझड़ी की तरह ध्वस्त हो गईं, लेकिन आपको नहीं दिखता है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के 11 एयर बेस को भारतीय वायुसेना ने ध्वस्त कर दिया और पाकिस्तान के घुटने टेकने के बाद संघर्ष विराम हुआ था। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया ने ऑपरेशन सिंदूर को सराहा और समर्थन किया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से विश्व को यह संदेश गया कि भारत एक सशक्त देश है और अपनी रक्षा करने में समर्थ है।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री (नरेन्द्र मोदी) जी बोलते नहीं हैं, बल्कि वह ‘एक्ट’ (कार्रवाई) करते हैं और ‘एक्ट’ कर अपनी ताकत दिखाते हैं, चाहे ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ हो, (बालाकोट) एयर सट्राइक हो या ऑपरेशन सिंदूर हो।’’
सिंह ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में आकर संघर्ष विराम करने संबंधी विपक्षी दलों के दावे को खारिज करते हुए कहा कि बार-बार ऐसा बोलने से यह सच नहीं हो जाएगा, बल्कि सच्चाई यह है कि भारत किसी के दबाव में नहीं आता और अपना निर्णय स्वयं लेने में समर्थ है।
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए दावा किया कि मुख्य विपक्षी पार्टी का आदर्श गोएबल्स (जर्मनी के तानाशाह रहे हिटलर के प्रचार और सार्वजनिक सूचना मंत्री) है।
उन्होंने उल्लेख किया कि गोएबल्स ने कहा था किसी झूठ को बार-बार बोलने से वह सच मान लिया जाता है। उन्होंने कहा कि यह एक प्रसिद्ध कहावत है लेकिन यह विचार सही नहीं है।
सिंह ने कहा, ‘‘यह एक दुष्प्रचार रणनीति है। झूठ कितनी बार भी दोहराई जाए, सच नहीं हो जाएगा।’’
उन्होंने विपक्षी दलों से आतंकवाद के खिलाफ सरकार के साथ एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर आतंकवाद के खिलाफ कंधे से कंधा मिला कर चलने की जरूरत है।
तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के लव श्री कृष्ण देवरायलू ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से संदेश स्पष्ट है कि भारत इंतजार करेगा लेकिन रूकेगा नहीं।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद विदेशों में भेजे गए सर्वदलीय मंडल का सदस्य होने के नाते ‘‘वहां हमने एकजुटता दिखाई’’ और दुनिया ने देखा कि हम किसलिए खड़े हैं और पाकिस्तान किसलिए खड़ा है।’’
उन्होंने कहा कि दुनिया ने यह भी देखा कि भारत ने विश्व को अहिंसा जबकि पाकिस्तान ने आतंकवाद दिया है।
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