हैदराबाद, आठ सितंबर कुछ दिन पहले स्वयं को आग लगाने वाले यातायात पुलिस के एक होमगार्ड की एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान शुक्रवार को मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी।
राज्य में विपक्षी दलों ने होम गार्ड रविंदर की मौत पर सरकार को आड़े हाथों लिया।
कांग्रेस की तेलंगाना इकाई के अध्यक्ष रेवंत रेड्डी ने कहा कि उच्च अधिकारियों के उत्पीड़न के कारण रविंदर ने आत्महत्या का प्रयास किया और उनकी मौत हो गई, जबकि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जी किशन रेड्डी ने कहा कि यह राज्य के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) सरकार द्वारा की गई ‘‘हत्या’’ है।
रविंदर मंगलवार को यहां गोशामहल में होम गार्ड कमांडेंट के कार्यालय गए थे, उन्होंने खुद को आग लगा ली थी। कुछ राहगीरों द्वारा घटना की सूचना दिए जाने के बाद पुलिस ने उन्हें एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। वह 50 प्रतिशत से अधिक जल गए थे और उन्हें शहर के एक अन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया।
होम गार्ड की पत्नी ने बुधवार को कहा कि उनके पति ने मंगलवार को उन्हें फोन पर बताया था कि जब वह कार्यालय पहुंचे तो दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों - एक सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) और कमांडेंट कार्यालय में कार्यरत एक कांस्टेबल ने उनके साथ ‘‘बुरा व्यवहार’’ किया।
होम गार्ड की पत्नी ने एएसआई और कांस्टेबल के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की।
बताया जाता है कि होम गार्ड अपने वेतन में कथित देरी के बारे में पूछताछ करने के लिए कार्यालय गया था। इस बारे में पूछे जाने पर पुलिस ने ऐसी किसी भी बात से इनकार करते हुए कहा कि यह वेतन से संबंधित नहीं है।
केंद्रीय पर्यटन मंत्री किशन रेड्डी ने बृहस्पतिवार को रविंदर से अस्पताल में मुलाकात की थी।
बाद में उन्होंने पत्रकारों से कहा कि तेलंगाना में बीआरएस सरकार होम गार्डों की कार्य स्थितियों में सुधार के संबंध में किए गए वादों और दिए गए आश्वासनों को पूरा करने में विफल रही।
उन्होंने सभी होमगार्ड से अपील की कि वे इस तरह के कदम नहीं उठाएं।
रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया, ‘‘यह आत्महत्या नहीं बल्कि राज्य सरकार द्वारा की गई हत्या है।’’
राज्य सरकार होम गार्ड और अन्य कर्मचारियों को समय पर वेतन देने की स्थिति में नहीं है। रेड्डी ने आरोप लगाया कि होम गार्डों का भुगतान पिछले पांच महीनों से लंबित है।
उन्होंने रविंदर की मौत के लिए कथित तौर पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मृतक के परिवार को सरकारी नौकरी और 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की मांग की।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY