नयी दिल्ली, 11 फरवरी पूर्व उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पंकज कुमार सिंह ने मंगलवार को कहा कि देश में हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए प्रौद्योगिकी और मानव आसूचना के बीच तालमेल की जरूरत है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रवर्तन एजेंसियां मादक द्रव्यों के अवैध व्यापार में शामिल लोगों का पता पाने के लिए ‘‘डार्क नेट’’ को खंगाल रही हैं।
सिंह ने तस्करी रोधी दिवस के उपलक्ष्य में दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘आज ‘डार्क नेट’ पर बहुत से मादक द्रव्यों और हथियारों का कारोबार हो रहा है... कानून प्रवर्तन एजेंसियां इन सभी सूचनाओं के लिए ‘डार्क नेट’ पर नजर रख रही हैं, ताकि इन लोगों को पकड़ा जा सके... प्रौद्योगिकी को अपनाना होगा, लेकिन इसके अंत में रचनात्मक हिस्सा, मानवीय हिस्सा तो होना ही होगा। प्रौद्योगिकी और मानव आसूचना ही (तस्करों को पकड़ने का) रास्ता है।’’
राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की ओर से पिछले साल दिसंबर में जारी भारत में तस्करी रिपोर्ट के मुताबिक, डीआरआई अधिकारियों ने वित्त वर्ष 2023-24 में 2,242 करोड़ रुपये मूल्य का लगभग 8,224 किलोग्राम प्रतिबंधित पदार्थ जब्त किया।
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में कोकीन की जब्ती में वृद्धि देखी गई है।
वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान, डीआरआई ने 1,319 किलोग्राम सोना जब्त किया और भारत की खुली पूर्वी सीमाओं, खासकर बांग्लादेश तथा म्यांमा से लगती खुली सीमाओं के जरिये तस्करी भी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक बड़ी चिंता के रूप में उभरी है।
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के सदस्य मोहन कुमार सिंह ने कहा कि प्रवर्तन एजेंसियां अपराधियों या अपराध का वित्तपोषण करने वाले लोगों को पकड़ने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।
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