देश की खबरें | कोरोना वायरस से बचाव के लिए प्रदेश में टीम भावना से कार्य हो रहा है: योगी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने सोमवार को कहा कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए प्रदेश में टीम भावना से कार्य हो रहा है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

लखनऊ, 23 नवबर उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने सोमवार को कहा कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए प्रदेश में टीम भावना से कार्य हो रहा है।

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ सोमवार को कोविड-19 व डेंगू के उपचार के लिए लेवल टू व थ्री के लैब समेत 17 परियोजनाओं का आनलाइन लोकार्पण और आरंभ करने के बाद अपने विचार व्‍यक्‍त कर रहे थे।

यह भी पढ़े | Karachi Sweets Row: देवेंद्र फडणवीस के कराची भारत का हिस्सा होगा वाले बयान पर संजय राउत का पलटवार, कहा-पहले पाक के कब्जे में जो कश्मीर है वो लाइए.

योगी ने कहा कि पिछले आठ माह से पूरी दुनिया एक महामारी से जूझ रही है। सदी की पहली महामारी होने के कारण हर तबके ने इस महामारी के साथ एक नया अनुभव साझा किया और समाधान का मार्ग निकाला है।

उन्‍होंने कहा कि हम सबने इन चुनौतियों को अवसर में बदलने के साथ ही धैर्य से मुकाबला किया है। अन्‍तर्राष्‍ट्रीय संस्‍थानों ने भी कोविड-19 के मैनेजमेंट को लेकर उत्‍तर प्रदेश के प्रबंधन की मुक्‍त कंठ से प्रशंसा की है। यह सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और मार्गदर्शन तथा केंद्र और राज्‍य सरकार के समन्वित प्रयास से संभव हो सका है। प्रदेश में शासन प्रशासन की टीम ने बेहतर परिणाम लाने में सफलता हासिल की है।

यह भी पढ़े | Gold-Silver Rates: शादी का सीजन शुरू होने से बनी रहेगी सोने-चांदी की मांग.

योगी ने कहा कि अब तक कोरोना वायरस के एक करोड़ 80 लाख से ज्‍यादा नमूनों की जांच की जा चुकी है जो एक रिकार्ड है।

उन्‍होंने कहा कि कोविड-19 का पहला केस यहां आया तो हमारे पास बेड और जांच की सुविधा नहीं थी लेकिन प्रयास शुरू हुए और पहले प्रतिदिन 72 जांच करने की क्षमता थी लेकिन कल एक दिन में एक लाख 45 हजार नमूनों की जांच हुई।

योगी ने कहा कि ह‍म लोगों ने न केवल कोविड-19 प्रबंधन को आगे बढ़ाया है बल्कि पूर्वी उत्‍तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियों पर भी प्रभावी नियंत्रण किया है।

योगी ने कहा कि जब मैं 1998 में सांसद बना तो गोरखपुर के जिस मेडिकल कालेज में इंसेफेलाइटिस से सालाना 800 से 1500 मौत होती थी वहां इस बार सिर्फ 21 मौत हुई है। आगे वह भी न हो इसके लिए प्रयास चल रहा है।

आनन्‍द

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now