भुवनेश्वर, पांच सितंबर ओडिशा में समान काम के लिए समान वेतन, पेंशन और अन्य सेवा लाभों सहित अपनी मांगों को लेकर हजारों स्कूल शिक्षकों ने मंगलवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर यहां विरोध प्रदर्शन किया।
ओडिशा माध्यमिक विद्यालय शिक्षक संघ (ओएसएसटीए) के बैनर तले शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर यहां लोअर पीएमजी चौक में एक विरोध रैली निकाली और राज्य सरकार से उनकी मांगों पर विचार करने की मांग की।
ओएसएसटीए के महासचिव रंजन कुमार दास ने कहा, ‘‘ हम गैर सहायता प्राप्त स्कूलों के लिए सरकारी सहायता, सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने, शिक्षकों के लिए पेंशन और अन्य सेवा लाभ की मांग कर रहे हैं। लेकिन, सरकार हमारी जायज मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। इसलिए, हमें शिक्षक दिवस पर सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा। ’’
प्रदर्शनकारी शिक्षक विनोद मोहंती ने कहा, ‘‘ हमने अपने जीवन के 30 महत्वपूर्ण वर्ष समाज की सेवा और भावी पीढ़ी के निर्माण के लिए दिये हैं। लेकिन, सरकार ने हमारी उपेक्षा की। अगर हमें पेंशन नहीं मिलेगी तो सेवानिवृति के बाद हमारा गुजारा कैसे होगा? ’’
इस बीच, शिक्षकों की मांगों पर विचार करने के लिए गठित अंतर-मंत्रालयी समिति की बैठक मंगलवार शाम को होने वाली है। प्रदर्शनकारी शिक्षकों को उम्मीद है कि समिति उनकी मांगों पर विचार करेगी।
शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि जीवन को ज्ञान के प्रकाश से भरकर स्वस्थ समाज के निर्माण में शिक्षकों का योगदान अद्वितीय है।
नवीन पटनायक ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘ पवित्र गुरु दिवस और पूर्व राष्ट्रपति, प्रख्यात दार्शनिक, अनुभवी राजनीतिज्ञ डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर मेरी विनम्र श्रद्धांजलि। गुरु-शिष्य परंपरा भारतीय संस्कृति की एक अनूठी विशेषता है। जीवन को ज्ञान के प्रकाश से भरकर स्वस्थ समाज के निर्माण में गुरुओं का योगदान अद्वितीय है। ’’
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