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Dog Shelter Home: आवारा कुत्तों से लोगों को बचाने के लिए वसई-विरार महानगरपालिका का बड़ा फैसला, ₹5.5 करोड़ की लागत से बनेगा शेल्टर होम

वसई-विरार शहर महानगरपालिका (VVCMC) ने क्षेत्र में बढ़ते श्वानदंश (dog bite) के मामलों को देखते हुए बड़े पैमाने पर नसबंदी अभियान और ₹5.5 करोड़ की लागत से एक आधुनिक शेल्टर होम बनाने की घोषणा की है. चार महीनों में आए 15,000 मामलों के बाद प्रशासन ने यह कड़ा कदम उठाया है.

Dog Shelter Home: आवारा कुत्तों से लोगों को बचाने के लिए वसई-विरार महानगरपालिका का बड़ा फैसला, ₹5.5 करोड़ की लागत से बनेगा शेल्टर होम
(Photo Credits Twitter)

Dog Shelter Home:  वसई-विरार शहर महानगरपालिका (VVCMC) ने जुड़वां शहरों में आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी और लगातार हो रहे हमलों पर नियंत्रण पाने के लिए कई कड़े कदमों की घोषणा की है. नगर निकाय ने निजी संगठनों और पशु कल्याण समूहों के सहयोग से श्वान निर्बीजीकरण (नसबंदी) अभियान को तेज करने और नसबंदी किए गए पशुओं के लिए एक समर्पित आश्रय गृह (शेल्टर होम) बनाने का निर्णय लिया है. प्रशासन का यह फैसला क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों के भीतर श्वानदंश (dog bite) की घटनाओं में आई भारी तेजी और नागरिकों के बढ़ते आक्रोश के बाद आया है.

4 महीनों में आए लगभग 15,000 मामले

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वसई-विरार क्षेत्र में आवारा कुत्तों की अनुमानित संख्या करीब 1 लाख तक पहुंच चुकी है. इनमें से अब तक केवल 30,000 कुत्तों का ही निर्बीजीकरण किया जा सका है. यही कारण है कि रिहायशी इलाकों में आवारा पशुओं की तादाद तेजी से बढ़ रही है. नगर निकाय के रिकॉर्ड बताते हैं कि इस साल जनवरी से अप्रैल के बीच ही केवल चार महीनों में श्वानदंश की लगभग 15,000 शिकायतें दर्ज की गई हैं. इन डरावने आंकड़ों ने स्थानीय निवासियों और राजनीतिक नेतृत्व के बीच गहरी चिंता पैदा कर दी है.

नालासोपारा में मासूम की मौत के बाद बढ़ा आक्रोश

यह गंभीर मुद्दा हाल ही में तब और गरमा गया जब नालासोपारा इलाके में एक 9 वर्षीय बच्ची की रेबीज के कारण मौत हो गई. बच्ची को कुछ समय पहले एक आवारा कुत्ते ने काट लिया था, जिसके बाद वह रेबीज संक्रमण की चपेट में आ गई थी. इस दुखद घटना के बाद स्थानीय नागरिकों में नगर प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर भारी नाराजगी फैल गई थी. जनता के इसी गुस्से और दबाव के बाद नगर निगम को इस संकट से निपटने के लिए आपातकालीन योजना तैयार करनी पड़ी है.

महासभा में हंगामा और प्रशासन की नई योजना

आवारा कुत्तों की समस्या का मुद्दा हाल ही में संपन्न हुई वसई-विरार शहर महानगरपालिका की महासभा (General Body Meeting) में भी प्रमुखता से उठा. बैठक में विपक्षी दलों के नेताओं ने नागरिकों की बार-बार मिलने वाली शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न करने के लिए प्रशासन की तीखी आलोचना की.

मामले की गंभीरता को देखते हुए वीवीसीएमसी स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष नीलेश देशमुख ने बताया कि नगर निकाय वसई में लगभग ₹5.5 करोड़ की अनुमानित लागत से एक समर्पित शेल्टर होम बनाने की योजना पर काम कर रहा है. इस प्रस्तावित केंद्र में एक समय में लगभग 1,000 कुत्तों को रखने की क्षमता होगी. यहाँ नसबंदी के बाद कुत्तों की देखभाल, चिकित्सा उपचार और रखरखाव की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. इसके अलावा, बेहतर निगरानी और पहचान के लिए नसबंदी किए गए कुत्तों को जीपीएस (GPS) आधारित कॉलर पहनाने पर भी विचार चल रहा है.

 वर्तमान स्थिति

वर्तमान में वसई-विरार क्षेत्र में केवल दो नसबंदी केंद्र काम कर रहे हैं. इनमें से एक केंद्र खुद महानगरपालिका द्वारा और दूसरा एक निजी पशु चिकित्सालय के माध्यम से संचालित किया जा रहा है. निगम के अधिकारियों ने भी यह स्वीकार किया है कि आवारा कुत्तों की विशाल आबादी और हर दिन आने वाली शिकायतों की तुलना में वर्तमान बुनियादी ढांचा बेहद नाकाफी है.

वीवीसीएमसी की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भक्ति चौधरी ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम के सभी अस्पतालों में एंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV) और आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध करा दिया गया है.

(The above story first appeared on LatestLY on May 25, 2026 04:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).