मुंबई, 14 जुलाई मुंबई की एक विशेष अदालत ने 263 करोड़ रुपये के स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) संबंधी कथित घोटाले के सिलसिले में एक पूर्व आयकर अधिकारी और दो अन्य लोगों को शुक्रवार को 24 जुलाई तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में भेज दिया।
पूर्व आयकर अधिकारी तानाजी अधिकारी और व्यवसायियों भूषण पाटिल एवं राजेश शेट्टी को दिन में गिरफ्तार करने के बाद विशेष पीएमएलए (धन-शोधन निवारण अधिनियम) अदालत के न्यायाधीश एम जी देशपांडे के समक्ष पेश किया गया।
अदालत ने कहा कि दस्तावेजों को देखने के बाद स्पष्ट रूप से संकेत मिलता है कि आरोपियों ने अपराध से आय अर्जित की।
उसने कहा कि कथित तौर पर शोधित धन राष्ट्र की संपत्ति है और देश के साथ अपराध हुआ है। अदालत ने तीनों आरोपियों को 24 जुलाई तक निदेशालय की हिरासत में भेज दिया।
निदेशालय के अनुसार, अधिकारी ने नवंबर 2019 और 2020 के बीच 263.95 करोड़ रुपये की राशि के 12 कथित फर्जी टीडीएस रिफंड प्राप्त किए।
जांच एजेंसी ने कहा कि यह राशि पाटिल की कंपनी के बैंक खाते के माध्यम से भेजी गई थी और वहां से इसे आगे किसी और को भेजा गया।
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