देश की खबरें | तमिलनाडु के नेताओं की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति पर तमिलिसाई, माकपा सांसद में तकरार

चेन्नई, 22 फरवरी तेलंगाना की राज्यपाल तमिलिसाई सौंदरराजन ने तमिलनाडु के नेताओं की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति पर आलोचनाओं के लिए माकपा सांसद एस वेंकटेशन पर बुधवार को पलटवार किया।

सौंदरराजन ने सोमवार को दावा किया कि तमिलनाडु के लोगों को राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया क्योंकि राज्य के मतदाता उनकी प्रतिभा को पहचान नहीं रहे थे और उन्हें संसद में भेज रहे थे।

पिछले कुछ समय में सौंदरराजन, एल गणेशन और सी पी राधाकृष्णन को केंद्र द्वारा विभिन्न राज्यों के राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया। तीनों भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं।

सौंदरराजन के बयान पर मदुरै से सांसद वेंकटेशन ने पूछा, क्या उनका मतलब है कि ‘‘राजभवन प्रशिक्षण स्थल है जहां पढ़ाई (परीक्षा) में असफल होने वाले पढ़ते हैं।’’ उन्होंने ट्विटर पर सवाल किया, ‘‘अगर प्रधानमंत्री ने असफल लोगों को बढ़ावा दिया तो क्या यह फर्जी प्रमाण पत्र नहीं है।’’

इस पर तीखी प्रतिक्रिया जताते हुए सौंदरराजन ने वेंकटेशन की आलोचना की और कहा कि ‘प्रशिक्षण स्थल’ में बुरा महसूस करने के लिए कुछ भी नहीं है क्योंकि यह सीखने के लिए ‘‘पवित्र’’ स्थान है।

तमिलनाडु में सत्तारूढ़ दल द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के साथ वेंकटेशन की पार्टी के गठबंधन पर चुटकी लेते हुए सौंदरराजन ने कहा कि केवल चुनावी जीत किसी की पहचान नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘राजभवन कार्यशाला हो सकते हैं, महलों के वारिस बनाने वाली जगह नहीं, जो गर्व की बात है।’’

वेंकटेशन की आलोचना के जवाब में सिलसिलेवार ट्वीट में सौंदरराजन ने कहा, ‘‘जो कल जीते थे वे कल हार सकते हैं, जो पहले हार गए थे वे कल जीत सकते हैं। अहंकारी मत बनिए।’’

यह उल्लेख करते हुए राज्यपाल बनने के लिए कुछ ‘‘योग्यताएं’’ जरूरी हैं, सौंदरराजन ने वेंकटेशन से कहा, ‘‘आप में वह योग्यता नहीं है।’’

सौंदरराजन की टिप्पणी पर वेंकटेशन ने कहा कि यह स्पष्ट है कि उन्होंने ‘ट्यूटोरियल’ के महत्व को कभी कमतर नहीं समझा, बल्कि उनसे (सौंदरराजन) सवाल किया था क्योंकि ‘‘आपने लोगों को नीचा दिखाया।’’

वेंकटेशन ने कहा, ‘‘अहंकार यह (सोचना) है कि (हम) राजभवन में बैठेंगे, भले ही लोग हमें खारिज कर दें क्योंकि प्रधानमंत्री हमें बढ़ावा देंगे।’’ वेंकटेशन ने कहा कि वह उन्हें ठीक से जवाब नहीं दे रहीं। उन्होंने कहा कि क्या ‘‘राजभवन में यही ट्रेनिंग दी जाती है।’’

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