विदेश की खबरें | प्लास्टिक प्रदूषण समाप्त करने संबंधी संधि पर वार्ता समाप्त, नहीं बन पाई कोई सहमति
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने प्लास्टिक प्रदूषण पर संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में सप्ताह भर चली बैठक के नतीजों की आलोचना करते हुए कहा कि तेल उत्पादक देश संधि को कमजोर करने के लिए बनाई गई रुकावट की रणनीति को लागू करने में सफल रहे।

प्रतिनिधियों से सितंबर में प्रकाशित उस मसौदे पर चर्चा करने की अपेक्षा थी जो पहली दो बैठकों के विचारों का प्रतिनिधित्व करता है।

प्लास्टिक के लिए अंतरसरकारी वार्ता समिति को पांच दौर की वार्ताओं में प्लास्टिक प्रदूषण पर पहली अंतरराष्ट्रीय, कानूनी रूप से बाध्यकारी संधि बनाने का दायित्व सौंपा गया है।

वार्ता में शामिल प्रतिनिधियों ने कहा कि चौथे दौर की वार्ता से पहले तैयार किए जाने वाले मसौदे के महत्वपूर्ण हिस्सों पर चर्चा के लिए राज्य अंतर-सत्रीय कार्य पर आम सहमति नहीं बन पाई।

‘ग्लोबल एलायंस फॉर इंसीनरेटर अल्टरनेटिव्स’ में वैश्विक प्लास्टिक कार्यक्रम की निदेशक एना ले रोचा ने कहा, ‘‘ये वार्ताएं अपने वादे को पूरा करने में अब तक विफल रही हैं।’’

यह पांच दौर की बैठकों में से तीसरी बैठक थी। अगली वार्ता अप्रैल 2024 में कनाडा के ओटावा में होनी है। प्रतिनिधियों को 2024 के अंत तक अंतिम मसौदा तैयार करना है।

प्लास्टिक बड़े पैमाने पर कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस से तैयार होता है, इस वजह से तेल उत्पादक देशों और कंपनियों के लिए यह मुद्दा महत्वपूर्ण है।

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