विदेश की खबरें | मैक्रों और पुतिन के बीच बेलारूस सीमा तनाव को कम करने पर बातचीत

एलिसी (रूसी राष्ट्रपति भवन) की ओर से जारी बयान के मुताबिक, करीब ढाई घंटे चली बातचीत में, दोनों ने ‘‘शरणार्थियों के लिए मानवीय प्रयासों की जरूरत’’ पर सहमति जताई लेकिन किसी ठोस कदम की घोषणा नहीं की।

यूरोपीय संघ (ईयू) का कहना है कि शरणार्थियों के दबाव बढ़ाने में मॉस्को की भूमिका रही है और वह इसे कम करने में मदद कर सकता है।

बातचीत के बारे में क्रेमलिन ने कहा कि पुतिन ने मैक्रों को बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्सांद्र लुकाशेंको के साथ अपने संबंधों में बारे में बताया और “ईयू देशों तथा बेलारूस के नेतृत्व के बीच प्रत्यक्ष रूप से पनपी समस्याओं पर चर्चा करने की आवश्यकता पर जोर दिया।’’

क्रेमलिन के अनुसार, पुतिन ने "पोलैंड के सीमा प्रहरियों द्वारा शरणार्थियों के साथ अत्यंत कठोर व्यवहार" किए जाने का भी उल्लेख किया। पोलिश सेना लोगों को पोलैंड में प्रवेश करने से रोक रही है और उन शरणार्थियों को बेलारूस वापस भेज रही है जो सीमा पार कर रहे हैं।

बेलारूस की सरकारी समाचार एजेंसी ‘बेल्टा’ के मुताबिक सोमवार को लुकाशेंको ने जर्मनी की निवर्तमान चांसलर एंजेला मर्केल से, “बेलारूस-पोलैंड, बेलारूस-लिथुआनिया और बेलारूस-लातविया सीमाओं पर स्थिति” के बारे में भी करीब 50 मिनट तक बात की।

एपी नेहा मनीषा

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)