चंडीगढ़, 10 अगस्त हरियाणा के नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने बृहस्पतिवार को राज्य की उन ग्राम पंचायतों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की, जिन्होंने अपने गांवों में मुस्लिम व्यापारियों के प्रवेश पर कथित तौर पर प्रतिबंध लगाया है।
दरअसल, राज्य के कुछ हिस्सों में सांप्रदायिक तनाव के बीच महेंद्रगढ़, रेवाड़ी और झज्जर जिलों में कुछ पंचायत प्रमुखों द्वारा मुस्लिम व्यापारियों को उनके गांवों में कथित तौर पर 'प्रतिबंधित' करने के लिए लिखे गए पत्र सामने आए हैं।
हाल के दिनों में इन जिलों के कुछ सरपंचों द्वारा कथित तौर पर लिखे गए लगभग ऐसे ही पत्रों में 31 जुलाई को नूंह जिले में हुई हिंसा का हवाला दिया गया है, जब भीड़ ने विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) की जलाभिषेक यात्रा पर हमला कर दिया था।
हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस के उपनेता आफताब अहमद ने कहा, ‘‘ यह पूरी तरह से असंवैधानिक है। अगर कोई पंचायत ऐसी बातें करती है या कोई प्रस्ताव पारित करती है, तो उनके खिलाफ कानून के सख्त प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि इस तरह के पत्र जारी करने से राज्य में माहौल और खराब होगा।
कुछ गांवों के संरपचों द्वारा लिखे गए कथित पत्रों में कहा गया है कि पंचायतों ने मुस्लिम समुदाय और शरारती तत्वों को कोई भी व्यवसाय करने की 'अनुमति' नहीं देने का फैसला किया है। इन पत्रों में फेरीवालों, पशु व्यापारियों और भिक्षा मांगने वालों को निर्दिष्ट किया गया है।
गौरतलब है कि नूंह हिंसा में दो होम गार्ड समेत पांच लोगों की मौत हुई थी। हिंसा भड़कने के बाद निकटवर्ती गुरुग्राम में एक मस्जिद पर हुए हमले में एक इमाम की भी मौत हो गई थी।
हालांकि, कई सरपंचों ने किसी विशेष समुदाय को संदर्भित करते हुए ऐसा कोई पत्र जारी करने से इनकार किया था।
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