देश की खबरें | तबलीगी जमात : प्राथमिकियां रद्द करने की याचिका पर उच्च न्यायालय ने केंद्र, पुलिस से जवाब मांगा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने 23 विदेशी नागरिकों की दो अलग-अलग याचिकाओं पर मंगलवार को केंद्र और पुलिस से जवाब मांगा। इन लोगों ने यहां तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल होने और वीजा के नियमों का उल्लंघन कर मिशनरी गतिविधियों में कथित तौर पर संलिप्त होने तथा कोविड-19 के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने के कारण अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकियों को रद्द करने का अनुरोध किया है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, चार अगस्त दिल्ली उच्च न्यायालय ने 23 विदेशी नागरिकों की दो अलग-अलग याचिकाओं पर मंगलवार को केंद्र और पुलिस से जवाब मांगा। इन लोगों ने यहां तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल होने और वीजा के नियमों का उल्लंघन कर मिशनरी गतिविधियों में कथित तौर पर संलिप्त होने तथा कोविड-19 के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने के कारण अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकियों को रद्द करने का अनुरोध किया है।

न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंबानी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सुनवाई करते हुए केंद्र और दिल्ली पुलिस से कहा कि सुनवाई की अगली तारीख दस अगस्त से पहले इस मुद्दे पर स्थिति रिपोर्ट पेश करें। दस अगस्त को इस तरह की अन्य याचिकाएं भी सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हैं।

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उच्च न्यायालय ने पुलिस से कहा कि सभी प्राथमिकियों और निचली अदालत के समक्ष पेश या पेश होने वाले सभी आरोप पत्रों का सारांश पेश करें और उनकी वर्तमान स्थिति के बारे में भी बताएं।

अदालत को बताया गया कि दो अलग-अलग याचिकाएं दायर करने वाले इन 23 विदेशी नागरिकों ने दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा द्वारा मामले में दर्ज प्राथमिकी में अपना दोष स्वीकार कर लिया है और प्ली बार्गेनिंग प्रावधानों के तहत कम दंड की याचना की है।

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विदेशियों की वकील ने कहा कि अलग-अलग जुर्माना राशि भरने और कोविड-19 लॉकडाउन के उल्लंघन जैसे छोटे मामलों में दोष स्वीकार करने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें वापस भेजने के आदेश भी जारी किए गए थे।

विदेशी नागरिकों का प्रतिनिधित्व कर रही वकील अशिमा मंडला ने कहा कि यहां के विभिन्न थाना क्षेत्रों में दर्ज अन्य प्राथमिकियां लंबित होने के कारण वे अपने देश नहीं लौट सके।

उन्होंने कहा कि जब याचिकाकर्ता अपने देश लौटना चाह रहे थे तो पता चला कि उनमें से प्रत्येक पर एक और प्राथमिकी दर्ज है और निचली अदालत में आरोप पत्र दायर हो चुका है।

ये 23 याचिकाकर्ता ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया और श्रीलंका के नागरिक हैं और पुलिस द्वारा दायर आरोप पत्रों में इन्हें आरोपी बनाया गया है।

वकील ने उच्च न्यायालय को यह भी सूचित किया कि अमेरिका के दो नागरिकों ने प्ली बार्गेनिंग करने से इंकार कर दिया है और वे मुकदमे का सामना करेंगे।

उन्होंने कहा कि पहली प्राथमिकी 31 मार्च को दर्ज की गई और दूसरी प्राथमिकी बाद में दर्ज हुई और इन अतिरिक्त प्राथमिकी के बारे में विदेशी नागरिकों को सूचित नहीं किया गया।

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