नयी दिल्ली, पांच दिसंबर उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को उत्तराखंड सरकार को निर्देश दिया कि वह ऋषिकेश में भाजपा के पूर्व नेता विनोद आर्या के बेटे के रिजॉर्ट में ‘रिसेप्शनिस्ट’ के तौर पर काम करने वाली 19 वर्षीय लड़की की हत्या के मामले में स्थिति रिपोर्ट दायर करे।
न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति एस.वी.एन भट्टी ने राज्य सरकार द्वारा पेश की गईं दो स्थिति रिपोर्ट पर गौर किया और मामले की सुनवाई फरवरी 2024 तक के लिए स्थगित कर दी।
सुनवाई के दौरान एक पत्रकार और मृतक अंकिता भंडारी के परिवार के सदस्यों की ओर से अदालत में पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन गोंसाल्वेज ने मामले की सीबीआई से जांच कराने का अनुरोध किया। जांच को लेकर चिंता जताते हुए गोंजाल्वेस ने आरोप लगाया कि रिजॉर्ट से कोई फुटेज या फोरेंसिक सबूत एकत्र नहीं किया गया।
गोंजाल्वेस की दलीलें सुनने के बाद पीठ ने उप महाधिवक्ता जतिंदर कुमार सेठी की दलीलें सुनीं जो मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) और राज्य सरकार की ओर से अदालत में पेश हुए थे।
सेठी ने कहा कि मामले की गहन जांच तमिलनाडु की एक महिला भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी की अध्यक्षता वाली नौ सदस्यीय एसआईटी ने की है।
दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने राज्य सरकार को इस मामले में स्थिति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।
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