Chandigarh Mayor Election: उच्चतम न्यायालय ने लोकतंत्र को ‘‘निरंकुश भाजपा’’ के जबड़े से बचाया: कांग्रेस
कांग्रेस ने चंडीगढ़ महापौर चुनाव परिणाम को उच्चतम न्यायालय द्वारा पलटे जाने के बाद मंगलवार को कहा कि देश की सबसे बड़ी अदालत ने लोकतंत्र को ‘‘निरंकुश भारतीय जनता पाटी’’ के जबड़े से बचाया है।
नयी दिल्ली, 20 फरवरी: कांग्रेस ने चंडीगढ़ महापौर चुनाव परिणाम को उच्चतम न्यायालय द्वारा पलटे जाने के बाद मंगलवार को कहा कि देश की सबसे बड़ी अदालत ने लोकतंत्र को ‘‘निरंकुश भारतीय जनता पाटी’’ के जबड़े से बचाया है. पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने चुनाव में धांधली के मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा और कहा कि निर्वाचन अधिकारी अनिल मसीह तो सिर्फ एक मोहरा थे.
उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को चंडीगढ़ महापौर चुनाव के परिणाम को पलटते हुए आम आदमी पार्टी (आप) -कांग्रेस गठबंधन के पराजित उम्मीदवार कुलदीप कुमार को शहर का नया महापौर घोषित किया. न्यायालय ने 30 जनवरी के चुनाव के संचालन में गंभीर खामियां पाए जाने के बाद, निर्वाचन अधिकारी अनिल मसीह के खिलाफ "कदाचार" के लिए मुकदमा चलाने का भी आदेश दिया। मसीह भाजपा नेता हैं.
खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘उच्चतम न्यायालय ने लोकतंत्र को निरंकुश भाजपा के जबड़े से बचाया है. भाजपा चुनावी हेरफेर का सहारा लेती है. चंडीगढ़ महापौर चुनाव में संस्थागत रूप से नुकसान पहुंचाने का प्रयास मोदी-शाह की लोकतंत्र को कुचलने की कुटिल साजिश का एक छोटा सा हिस्सा मात्र है.’’ उन्होंने दावा किया, ‘‘सभी भारतीय नागरिकों को हमारे संविधान पर इस हमले का सामूहिक रूप से मुकाबला करना चाहिए.
कभी नहीं भूलें. 2024 के लोकसभा चुनाव में हमारा लोकतंत्र चौराहे पर होगा.’कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चंडीगढ़ महापौर के चुनाव में जो कुछ हुआ है उसके पीछे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं.उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘लोकतंत्र की हत्या की भाजपाई साजिश में मसीह सिर्फ ‘मोहरा’ है, पीछे मोदी का ‘चेहरा’ है.’’
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा ''चंडीगढ़ महापौर के चुनाव पर माननीय उच्चतम न्यायालय का निर्णय भारतीय लोकतंत्र को बचाने में बहुत मददगार साबित होगा. पूरी चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह से एक दिखावा थी, जो इस ऐतिहासिक फैसले से विधिवत उजागर हो गई है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम 4 महीने से लगातार वीवीपैट की पूरी गिनती के मुद्दे पर चर्चा के लिए निर्वाचन आयोग से समय मांग रहे हैं, लेकिन अभी तक हमें समय नहीं मिला है.
हमें उम्मीद है कि निर्वाचन आयोग तेजी से कदम उठाएगा और ऐसे कदम उठाएगा जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में लोगों का विश्वास बढ़ेगा, न कि उसे ठेस पहुंचेगी.’’कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘इससे ज्यादा शर्मनाक क्या हो सकता है कि निर्वाचन अधिकारी ने उच्चतम न्यायालय के समक्ष स्वीकार किया कि उसने घपला किया है, लेकिन कुछ लोग कह रहे हैं कि उसने कोई घपला नहीं किया है.’’
उन्होंने दावा किया, ‘‘चंडीगढ़ के महापौर का चुनाव लोकतंत्र के इतिहास में काला अध्याय है. लगता है कि बनवारीलाल पुरोहित के राज्यपाल के पद से इस्तीफा देने के (घटनाक्रम के) तार इस घपले से जुड़े हुए हैं. वह बहुत परिपक्व, ज्ञानी और सिद्धांत पर चलने वाले व्यक्ति हैं. राज्यपाल का अचानक से इस्तीफा हो जाना भी कुछ दर्शाता है.’’
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(The above story first appeared on LatestLY on Feb 20, 2024 06:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

