शिलांग, पांच अप्रैल निवर्तमान सांसद और तुरा सीट से नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) की उम्मीदवार अगाथा के. संगमा ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने संसद में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) का समर्थन किया क्योंकि मेघालय को इसके प्रावधानों में छूट दी गई थी।
अपने रुख के लिए विपक्षी दलों की आलोचना का सामना करने के बावजूद अगाथा ने इस बात पर जोर दिया कि अगर इसमें गारो हिल्स को शामिल किया जाता तो वह विधेयक का समर्थन नहीं करतीं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि चूंकि सीएए मेघालय में लागू नहीं होता है, इसलिए चिंता का कोई कारण नहीं है।
तुरा सीट से मौजूदा सांसद ने बताया कि जब 2019 में नागरिकता संशोधन विधेयक संसद में पेश किया गया था, तो तत्कालीन सांसद कोनराड के. संगमा (मौजूदा मुख्यमंत्री) के साथ-साथ अन्य सांसदों की वकालत के कारण मेघालय और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों को छूट दी गई थी।
सीएए के नियमों को 13 मार्च को अधिसूचित किया गया था। सीएए के तहत सरकार 31 दिसंबर 2014 से पहले पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आने वाले गैर मुस्लिम प्रवासियों को नागरिकता प्रदान करेगी।
वहीं, एनपीपी ने अरुणाचल में नकदी जब्ती के मामले से दूरी बना ली है और पार्टी अध्यक्ष कोनराड के संगमा इसे आधारहीन बताते हुए खारिज कर दिया।
यह स्पष्टीकरण चुनाव प्रचार के दौरान संगमा के काफिले के पीछे चल रहे एक वाहन से बृहस्पतिवार को 1.25 करोड़ रुपये जब्त किये जाने के बाद आया है।
एनपीपी के प्रवक्ता एचएम शांगपिलांग ने कहा कि जो वाहन सवालों के घरे में है वह काफिले का हिस्सा नहीं था और इस घटना को हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष से जोड़ने जाने का कोई भी प्रयास बेतुका है।
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