प्रयागराज, 18 जून इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्रदेश सरकार को इस राज्य में व्यापक स्तर पर कोविड-19 की जांच का बृहस्पतिवार को सुझाव दिया।
अदालत ने कहा, “शुरुआत में प्रयागराज शहर के लिए व्यापक स्तर पर जांच की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है और यदि हम इस प्रयोग में सफल रहे तो इस जिले के बाकी हिस्से में इसे लागू किया जा सकता है और फिर प्रदेश के सभी जिलों में इसे दोहराया जा सकता है।”
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न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अजित कुमार की पीठ ने राज्य में पृथक-वास केद्रों की स्थिति पर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह सुझाव दिया।
अदालत ने इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) को भी इस राज्य में कोविड 19 की व्यापक स्तर पर जांच के लिए जांच मशीन स्थापित करने के मुद्दे पर अदालत को अवगत कराने को कहा।
अदालत ने कहा, “जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत की तो उन्होंने व्यापक स्तर पर जांच के महत्व पर जोर दिया। यदि व्यापक स्तर पर जांच की जाती है तो जो लोग संक्रमित नहीं हैं, वे बिना किसी भय के काम पर जा सकते हैं और देश की अर्थव्यवस्था में योगदान कर सकते हैं।”
अदालत ने आगे कहा, “यदि व्यवस्थागत जांच की जाए तो जो लोग संक्रमित हैं, वे बाहर नहीं जाएंगे और निश्चित तौर पर खुद को अपने घरों में कैद कर लेंगे या सरकार द्वारा दी गई सुविधा का लाभ उठाएंगे।”
सुनवाई के दौरान अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने अदालत को सूचित किया कि अभी तक 1865 हॉटस्पॉट की पहचान की गई है। इसी तरह, अभी तक 17.06 लाख प्रवासी मजदूरों की जांच की गई है जिसमें 3,950 प्रवासी मजदूर संक्रमित पाए गए हैं।
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