देश की खबरें | ‘यूपीएससी जेहाद’ पर कार्यक्रम का सुदर्शन टीवी ने शीर्ष न्यायालय में किया बचाव

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. सुदर्शन टीवी ने सिविल सेवा में मुस्लिमों की कथित घुसपैठ पर अपने कार्यक्रम का उच्चतम न्यायालय में बृहस्पतिवार को बचाव करते हुए कहा कि वह इन सेवाओं में समुदाय के लोगों के प्रवेश के खिलाफ नहीं है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 17 सितंबर सुदर्शन टीवी ने सिविल सेवा में मुस्लिमों की कथित घुसपैठ पर अपने कार्यक्रम का उच्चतम न्यायालय में बृहस्पतिवार को बचाव करते हुए कहा कि वह इन सेवाओं में समुदाय के लोगों के प्रवेश के खिलाफ नहीं है।

टीवी चैनल ने कहा कि उसने ‘यूपीएससी जेहाद’ शब्दावली का इस्तेमाल इस सूचना के आधार पर किया कि जकात फाउंडेशन को आतंकवाद से जुड़े विभिन्न संगठनों से धन प्राप्त हुआ है।

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गौरतलब है कि शीर्ष न्यायालय ने मंगलवार को चैनल को अपने कार्यक्रम ‘बिंदास बोल’ का प्रसारण दो दिन तक रोकने का आदेश देते हुए कहा था कि कार्यक्रम की कड़ियों का मकसद प्रथम दृष्टया मुस्लिम समुदाय का तिरस्कार करना प्रतीत होता है।

चैनल के प्रधान संपादक सुरेश चव्हाणके ने एक हलफनामा दाखिल कर कार्यक्रम की शेष छह कड़ियों के प्रसारण पर रोक हटाने का अनुरोध किया।

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हलफनामा में कहा गया है , ‘‘जकात फाउंडेशन द्वारा प्राप्त किए गए धन का इस्तेमाल आईएएस, आईपीएस या संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की मदद के लिये किया गया। ’’

उल्लेखनीय है कि जकात फाउंडेशन उन मुस्लिम छात्रों को कोचिंग और अध्ययन सामग्री मुहैया कराता है जो सिविल सेवाओं में जाना चाहते हैं।

इस बीच, केंद्र ने भी इस विषय में एक हलफनामा दाखिल किया और कहा कि यदि न्यायालय मीडिया नियमन के मुद्दे पर फैसला करता है तो इसके लिये कदम उठाया जाएगा और पहले डिजिटल मीडिया को लेकर ऐसा किया जाएगा क्योंकि सोशल मीडिया ऐप के चलते इसके जरिये तेजी से सूचना फैल सकती है।

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