देश की खबरें | जम्मू में उच्च न्यायालय के परिसर निर्माण की प्रगति पर विस्तृत रिपोर्ट जमा करें : शीर्ष अदालत

नयी दिल्ली, चार दिसंबर उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को जम्मू में बन रहे नये उच्च न्यायालय परिसर की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट केंद्र सरकार से तलब की।

प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने 28 जून को जम्मू में नए उच्च न्यायालय परिसर की आधारशिला रखी थी।

न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने जम्मू और श्रीनगर में केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) पीठों में रिक्तियों और वहां लंबित मामलों से संबंधित एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।

केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) ऐश्वर्या भाटी ने पीठ के समक्ष एक अद्यतन नोट रखा, जिसमें दोनों शहरों में कैट पीठों में रिक्तियों और लंबित मामलों के संबंध में स्थिति की जानकारी दी गई है।

न्यायाधिकरण के लिए बुनियादी ढांचे के मुद्दे पर भाटी ने कहा कि केंद्रशासित प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील के पास कुछ निर्देश हो सकते हैं। केंद्र शासित प्रदेश के वकील ने कहा कि जहां तक श्रीनगर का संबंध है, कुछ प्रगति हुई है लेकिन जम्मू में भूमि चिह्नित करना एक मुद्दा है।

भाटी ने पीठ से कहा, ‘‘मुझे जानकारी है कि अब एक सहमति बनी है कि मौजूदा उच्च न्यायालय भवन खाली हो जाने पर,न्यायाधिकरण की जम्मू पीठ उसमें स्थानांतरित कर दी जाएगी।’’

न्यायमूर्ति कौल ने भाटी से कहा कि प्रस्तावित भवन का निर्माण अभी शुरू भी नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ भी निर्माण नहीं हो रहा है। इसकी शुरुआत भी नहीं हुई है। केवल एक चीज जो हुई है वह यह है कि हम सभी वहां शिलान्यास के लिए शामिल हुए थे। वहां बस इतना ही हुआ है और कुछ नहीं हुआ है। वहां एक इंच भी निर्माण नहीं हुआ। ऐसा प्रतीत होता है कि धन की समस्या है।’’

भाटी ने पीठ से अनुरोध किया कि उन्हें इस मुद्दे पर हलफनामा जमा करने की अनुमति दी जाये।

पीठ ने अपने आदेश में रेखांकित किया, ‘‘हमने अद्यतन स्थिति रिपोर्ट का अध्ययन किया है लेकिन अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।’’

शीर्ष अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 20 फरवरी 2024 को सूचीबद्ध करते हुए कहा, ‘‘यह भी रिकॉर्ड में दर्ज किया जा सकता है कि उच्च न्यायालय जम्मू पीठ पर क्या प्रगति हो रही है क्योंकि दोनों पहलू आपस में जुड़े हुए हैं।’’

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