नयी दिल्ली, एक मार्च प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर आयुष मंत्रालय के अंतर्गत संस्थानों ने विद्यार्थियों के लिए आयुष चिकित्सा प्रणालियों से संबंधित प्रयोगशाला कार्य देखने के वास्ते कार्यक्रम आयोजित किए।
आयुष मंत्रालय द्वारा रविवार को जारी एक बयान में कहा गया कि ‘एक दिन वैज्ञानिक के रूप में’ पहल के तहत विद्यार्थियों के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिससे उन्हें ‘‘वैज्ञानिक अनुसंधान का गहन अनुभव’’ और ‘‘प्रयोगशाला के काम, उन्नत उपकरणों और आधुनिक वैज्ञानिक प्रगति के साथ पारंपरिक चिकित्सा के एकीकरण का प्रत्यक्ष अनुभव’’ प्राप्त करने का अवसर मिला।
प्रधानमंत्री ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के माध्यम से राष्ट्र को संबोधित करते हुए, विद्यार्थियों को अपनी जिज्ञासा बढ़ाने और वैज्ञानिक स्वभाव को बढ़ावा देने के लिए अनुसंधान प्रयोगशालाओं, तारामंडल, अंतरिक्ष केंद्रों और विज्ञान संस्थानों का दौरा करने के लिए प्रोत्साहित किया था।
बयान में कहा गया है, ‘‘इस दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, आयुष संस्थानों ने अपनी अनुसंधान सुविधाओं में विद्यार्थियों का स्वागत किया, जिससे उन्हें वैज्ञानिकों के साथ बातचीत करने, अत्याधुनिक तकनीक का पता लगाने और मुख्यधारा की स्वास्थ्य देखभाल में आयुष प्रणालियों की विशाल क्षमता को समझने का मौका मिला।’’
इस पहल के तहत एमिटी विश्वविद्यालय, जयपुर के विद्यार्थियों ने 19 फरवरी, 2025 को राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (मानद विश्वविद्यालय), जयपुर का दौरा किया।
इसी तरह, 28 फरवरी को डॉ. गुरुराजू सरकारी होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज, गुडीवाड़ा के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद (सीसीआरएच) के तहत क्षेत्रीय अनुसंधान संस्थान (एच), गुडीवाड़ा की अनुसंधान प्रयोगशाला का दौरा किया।
मंत्रालय ने बताया कि प्रयोगशाला कर्मचारियों ने विद्यार्थियों को होम्योपैथी में उपयोग किए जाने वाले प्रयोगशाला उपकरणों और अनुसंधान विधियों की विस्तृत जानकारी दी।
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