देश की खबरें | ऑनलाइन कक्षाओं के लिए 50 किलोमीटर दूर जाते थे छात्र, फिर मांगी एनसीपीसीआर से मदद
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण लॉकडाउन लगने और इसके बाद चक्रवात निसर्ग से बुरी तरह प्रभावित हुए दूर दराज के गांवों के 200 से अधिक बच्चे रोजाना 50 किलोमीटर की दूरी तय करके ऐसे स्थान पर जाने के लिए मजबूर थे जहां इंटरनेट कनेक्शन हो और वे ऑनलाइन कक्षाओं में पढ़ सकें।
नयी दिल्ली, 22 अगस्त महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण लॉकडाउन लगने और इसके बाद चक्रवात निसर्ग से बुरी तरह प्रभावित हुए दूर दराज के गांवों के 200 से अधिक बच्चे रोजाना 50 किलोमीटर की दूरी तय करके ऐसे स्थान पर जाने के लिए मजबूर थे जहां इंटरनेट कनेक्शन हो और वे ऑनलाइन कक्षाओं में पढ़ सकें।
महामारी और फिर प्राकृतिक आपदा की चपेट में आने के बाद महाराष्ट्र के दूरदराज के गांवों के बच्चों को जून की शुरुआत में इंटरनेट की दिक्कतों का सामना करना पड़ा क्योंकि रत्नागिरि जिले में इंटरनेट सेवा बाधित हो गयी थी।
हालांकि, एक महीने बाद भी स्थिति में सुधार नहीं होने पर एक छात्र ने आखिरकार बाल अधिकार शीर्ष निकाय एनसीपीसीआर से मदद मांगी।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने कहा कि आयोग ने इस पर संज्ञान लेते हुए यह सुनिश्चित किया है कि मोबाइल कंपनियों और क्षेत्र के जिलाधिकारी तक बात पहुंचाई जाए और इंटरनेट सेवा तेजी से बहाल की जाए।
कानूनगो ने क्षेत्र के जिलाधिकारी को पत्र लिख कर कहा कि अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि समस्या जल्द से जल्द दूर हो ।
कानूनगो ने 25 जुलाई को जिलाधिकारी को भेजे पत्र में कहा, ‘‘आयोग ने महाराष्ट्र के रत्नागिरि जिले में इंटरनेट संपर्क की खराब स्थिति को लेकर शिकायत का संज्ञान लिया। चक्रवात निसर्ग के कारण तीन जून को यह क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ था और उसके बाद से इलाके के लोगों का मोबाइल और डाटा संपर्क बाधित हो गया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस वजह से करीब 200 छात्रों को लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन शैक्षणिक गतिविधियों में मुश्किलें आ रही हैं। इसके अलावा छात्रों को ऑनलाइन शैक्षणिक गतिविधियों के लिए डाटा संपर्क तक पहुंच के संबंध में रोज 50 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है। ’’
इसके बाद रत्नागिरि के जिलाधिकारी का इस विषय पर ध्यान दिलाया गया ।
जिलाधिकारी को 30 जुलाई को दूसरे पत्र में एनसीपीसीआर ने, मामले में उठाए गए कदम से अवगत कराने को कहा।
कानूनगो ने ‘पीटीआई-’ से बातचीत में कहा ‘‘एनसीपीसीआर ने लगातार अधिकारियों से इस पर संपर्क बनाए रखा और आखिरकार एक कंपनी ने इंटरनेट सेवा शुरू कर दी जबकि शेष कंपनियों ने कहा कि वे शीघ्र ही इंटरनेट सेवा शुरू कर देंगी।’’
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