देश की खबरें | हंसराज कॉलेज में मांसाहार पर ‘रोक’ के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों को हिरासत में लिया गया : एसएफआई

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) से सबद्ध हंसराज कॉलेज में मांसाहार पर ‘प्रतिबंध’ के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे करीब 40 विद्यार्थियों को पुलिस ने शुक्रवार को हिरासत में ले लिया। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के प्रतिनिधि ने यह दावा किया।

नयी दिल्ली, 20 जनवरी दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) से सबद्ध हंसराज कॉलेज में मांसाहार पर ‘प्रतिबंध’ के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे करीब 40 विद्यार्थियों को पुलिस ने शुक्रवार को हिरासत में ले लिया। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के प्रतिनिधि ने यह दावा किया।

उन्होंने बताया कि फैसले के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए कई विद्यार्थी कॉलेज के बाहर जमा थे, लेकिन उन्हें परिसर में प्रवेश नहीं दिया गया और दरवाजों को बंद कर दिया गया।

पुलिस ने बताया कि करीब 30 से 35 विद्यार्थी कथित प्रतिबंध के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।

एसफआई की हंसराज कॉलेज इकाई ने बुधवार को कॉलेज छात्रावास के समक्ष ‘‘संस्थान में मांसाहार पर प्रतिबंध के खिलाफ’’ प्रदर्शन का आह्वान किया था।

एसएफआई कार्यकर्ता समा ने कहा, ‘‘हमने शांतिपूर्ण प्रदर्शन शुरू किया, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने हमें परिसर में दाखिल नहीं होने दिया। उन्होंने सभी दरवाजे बंद कर दिए और कोई अधिकारी हमसे बात करने नहीं आ रहा।’’उन्होंने कहा, ‘‘हम ज्ञापन सौंपना चाहते हैं, लेकिन हमें परिसर में प्रवेश नहीं करने दे रहे हैं।’’

पुलिस उपायुक्त (उत्तर)सागर सिंह कलसी ने बताया, ‘‘हमने प्रदर्शनकारियों को वहां से जाने को कहा, लेकिन जब वे नहीं माने तो 14-15 विद्यार्थियों को हिरासत लिया गया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया।’’

विद्यार्थियों का आरोप है कि हंसराज कॉलेज कोरोना वायरस महामारी के बाद पिछले साल फरवरी में खुला और तब से यहां की कैंटीन और छात्रावास में मांसाहार नहीं परोसा जा रहा है।

हंसराज कॉजेज की प्राचार्य रमा शर्मा आलोचना के बावजूद आदेश को वापस लेने इनकार करते हुए कहा कि संस्थान आर्य समाज के दर्शन का पालन करता है।

उन्होंने ‘पीटीआई-’ से बातचीत में दावा किया कि 90 प्रतिशत विद्यार्थी शाकाहारी हैं और उन्होंने पूर्व में मांसाहार परोसने का विरोध किया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\