नयी दिल्ली, 23 मार्च जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) ने बुधवार को आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र में समय से उपचार नहीं मिलने पर एक छात्र की मौत हो गयी। विश्वविद्यालय ने इस आरोप का खंडन किया है।
‘सेंटर फॉर रसियन स्टडीज’ में पीएचडी छात्र एवं ताप्ती छात्रावास में रहने वाले मयंक की बुधवार को मौत हो गयी । विश्वविद्यालय के एक अधिकारी के अनुसार संभवत: हृदय गति रुक जाने से छात्र की मृत्यु हुई।
एक बयान में जेएनयूएसयू संयोजक आदर्श कुमार ने कहा कि मयंक ने 21 मार्च को सीने में दर्द की शिकायत की थी और उसे उसके दोस्त स्वास्थ्य केंद्र लेकर गये।
कुमार ने आरोप लगाया, ‘‘ उसका तत्काल उपचार नहीं किया और बेशकीमती समय गंवाया गया। स्वास्थ्य केंद्र ने उसे एम्स रेफर करने में भी देर कर दी, फलस्वरूप मयंक की अस्पताल पहुंचने से पहल ही मौत हो गयी।’’
संयोजक ने कहा, ‘‘ जेएनयू की कुलपति शांतिश्री पंडित, यूजीसी अध्यक्ष एम जगदीश कुमार एवं खस्ताहाल स्वास्थ्य केंद्र उस आपराधिक लापरवाही के लिए जिम्मेदार हैं, जिसकी वजह से हमारे मित्र मयंक की जान गयी।’’
इस आरोप का खंडन करते हुए जेएनयू के ‘डीन ऑफ स्टूडेंट्स’ सुधीर प्रताप सिंह ने कहा, ‘‘ छात्र (मयंक) सीने में दर्द की शिकायत करते हुए जेएनयू के डॉक्टर के पास आया था। जब उसकी ईसीजी असामान्य आयी तब उसे अस्पताल ले जाया गया। प्रथम दृष्टया ऐसा जान पड़ता है कि यह हृदयगति रुक जाने का मामला है। क्या हुआ इसे हम निर्धारित करने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन हमारी ओर से कोई चूक नहीं हुई। ’’
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