देश की खबरें | संविधान के लिए संघर्ष ही मौलाना आजाद को सच्ची श्रद्धांजलि होगी: बंसल

नयी दिल्ली, 11 नवंबर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन कुमार बंसल ने बृहस्पतिवार को कहा कि संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष करना ही देश के पहले शिक्षा मंत्री और स्वतंत्रता सेनानी मौलाना अबुल कलाम आजाद को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

उन्होंने कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग की ओर से मौलाना आजाद की जयंती के मौके पर आयोजित संगोष्ठि में यह टिप्पणी की। बंसल ने देश की आजादी की लड़ाई और फिर आजाद भारत के शुरुआती वर्षों में मौलाना आजाद के योगदान को याद किया।

बंसल ने कहा, ‘‘आज संविधान के बुनियादी मूल्यों पर हमला किया जा रहा है। मौलाना अबुल कलाम आजाद को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम संविधान के लिए संघर्ष करें। उन्होंने हमेशा हिंदू-मुस्लिम एकता की पैरोकारी की।’’

कांग्रेस के कोषाध्यक्ष बंसल ने कहा, ‘‘मौलाना आजाद बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। भारत छोड़ो आंदोलन के समय वह कांग्रेस के अध्यक्ष थे।’’

पार्टी की वरिष्ठ नेता मोहसिना किदवई ने कहा कि मौलाना आजाद ने भाईचारे और एकजुटता को तरजीह दी। आज भी देश को उसी भाईचारे और एकजुटता की जरूरत है।

कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रमुख इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा, ‘‘आज इस कार्यक्रम में हर धर्म के लोग शामिल हैं। मुस्लिम, हिन्दू ,ईसाई और हमारे सरदार भाई सभी आए हैं। शायद इसी भारत का ख्वाब मौलाना अबुल कलाम आज़ाद देखते थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमने यह एक छोटी सी आज शुरुआत की है लेकिन अब इसको बड़े स्तर पर करेंगे।’’

इससे पहले, प्रतापगढ़ी ने मौलाना आजाद की कब्र पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

हक

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)