नयी दिल्ली, 25 सितंबर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में धूल नियंत्रण मानदंडों का उल्लंघन करने वाली एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पर्यावरण मंत्री ने सरकारी और निजी निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक की और उन्हें सर्दियों के मौसम के दौरान धूल से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए दिल्ली सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया।
गोपाल राय ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘निर्माण कार्य में लगी सभी एजेंसियों को धूल से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए 14 सूत्री दिशा-निर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया गया है।’’
उन्होंने कहा कि 5,000 वर्ग मीटर से बड़े निर्माण और विध्वंस स्थलों पर एंटी-स्मॉग गन लगाना अनिवार्य है। इसके अलावा, सभी निर्माण एजेंसियों को दिशा-निर्देशों के संबंध में श्रमिकों को ऑन-साइट प्रशिक्षण प्रदान करना होगा।
दिशा-निर्देशों में निर्माण स्थलों के चारों ओर धूल/हवा से बचाने वाली उचित ऊंचाई की दीवारें खड़ी करना और मचानों को तिरपाल या हरी जाली से ढंकना शामिल है।
दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि निर्माण सामग्री और मलबे का परिवहन करने वाले वाहनों सहित सभी वाहनों को साफ किया जाना चाहिए और उनके पहियों को धोया जाना चाहिए। इसके अलावा, मलबे और सामग्री को सार्वजनिक सड़कों या फुटपाथों पर नहीं, बल्कि साइट पर ही संग्रहित किया जाना चाहिए।
एजेंसियों से यह भी अपेक्षा की जाती है कि वे खुले क्षेत्रों में निर्माण सामग्री को पीसें और काटें नहीं तथा इसके बजाय गीले जेट का इस्तेमाल करें।
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