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ताजा खबरें | कोरोना के दौरान घटिया वेंटिलेटर मुहैया कराने वाली एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए: राउत

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. कोविड महामारी के प्रबंधन के लिए केंद्र और राज्यों द्वारा उठाये गये कदमों की सराहना करते हुए शिवसेना ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि अनेक निजी ठेकेदारों, एजेंसियों और निजी अस्पतालों ने इस अवधि में जनता को लूटा तथा सरकार की साख को गिराया जिन पर कार्रवाई की जानी चााहिए।

ताजा खबरें | कोरोना के दौरान घटिया वेंटिलेटर मुहैया कराने वाली एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए: राउत

नयी दिल्ली, दो दिसंबर कोविड महामारी के प्रबंधन के लिए केंद्र और राज्यों द्वारा उठाये गये कदमों की सराहना करते हुए शिवसेना ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि अनेक निजी ठेकेदारों, एजेंसियों और निजी अस्पतालों ने इस अवधि में जनता को लूटा तथा सरकार की साख को गिराया जिन पर कार्रवाई की जानी चााहिए।

लोकसभा में नियम 193 के तहत कोविड-19 से उत्पन्न स्थितियों पर चर्चा की शुरुआत करते हुए शिवसेना के विनायक राउत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे समेत सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और स्वास्थ्य मंत्रियों तथा अन्य जनप्रतिनिधियों के प्रयासों से आज देश कोरोना मुक्त होने की राह पर बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने महामारी के दौरान राज्यों को आवश्यकतानुसार वेंटिलेटर और पीएसए संयंत्र प्रदान करने का आश्वासन दिया लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि पीएम केयर्स निधि के तहत दिये गये 60 प्रतिशत से अधिक वेंटिलेटर काम नहीं आए।

राउत ने कहा, ‘‘सरकार ने जिन एजेंसियों और ठेकेदारों को यह काम दिया, उन्होंने घटिया उपकरण मुहैया कराए।’’

उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री मांडविया की प्रशंसा करते हुए कहा कि मंत्री के सहयोगात्मक रुख का ठेकेदारों और आपूर्तिकर्ता एजेंसियों ने दुरुपयोग किया जिन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

शिवसेना सांसद ने कहा कि इसी तरह की संवेदनहीनता पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र लगाने के मामले में दिखायी गई ।

उन्होंने कहा, ‘‘ सरकार और जनता के साथ विश्वासघात करने वाले ऐसे लोगों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि कोरोना की आपदा में एक लाभ यह भी हुआ कि बरसों से बंद पड़े संस्थान और एजेंसियां सक्रिय हो गये।

राउत ने महामारी के समय में निजी अस्पतालों द्वारा कथित रूप से मरीजों से अत्यधिक राशि वसूले जाने का भी उल्लेख किया और भविष्य में महामारी की इस तरह की स्थिति में लोगों को लूटने वालों को दंडित करने के लिए सख्त कानून बनाने की वकालत की।

शिवसेना सांसद ने कहा कि सारे देश में कोरोना रोधी टीकों की सौ करोड़ से अधिक खुराक होने की खुशी मनाई जा रही है लेकिन आज की स्थिति के अनुसार लगभग 45 करोड़ लोगों ने ही दोनों खुराक ली हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘इससे समाधान नहीं निकलेगा। जब तक पूरी आबादी का टीकाकरण नहीं हो जाता, तब तक खुशी नहीं मना सकते।’’

उन्होंने कोविड के दौर में उद्योगों और अर्थव्यवस्था पर पड़ी मार का जिक्र करते हुए कहा कि जो करोड़ों लोग बेरोजगार हुए हैं, उनके लिए सरकार क्या करना चाहती है? बताना चाहिए।

राउत ने कहा कि डेल्टा और डेल्टा प्लस के बाद अब कोरोना वायरस का नया स्वरूप ओमीक्रोन सामने आया है जिसे लेकर असमंजस की स्थिति है। इस लिहाज से मीडिया समेत सभी के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय के एकसमान दिशानिर्देश होने चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि देश में कोरोना वायरस का प्रकोप शुरू होने के 21 महीने बाद सदन में यह चर्चा हो रही है, जब कोरोना वायरस खत्म होने की कगार पर है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसा नहीं होना चाहिए।

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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 02, 2021 04:52 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).