देश की खबरें | धूल से निपटने के लिए स्ट्रीट लाइट खंभों पर पानी का छिड़काव करने वाले उपकरण लगाए जाएंगे: मुख्यमंत्री

नयी दिल्ली, 10 अप्रैल दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि पूरे वर्ष वायु प्रदूषण से लड़ने के लिए एक अभिनव समाधान के रूप में, दिल्ली सरकार धूल को दबाने के लिए स्ट्रीट लाइट के खंभों पर पानी का छिड़काव करने वाले 1,000 उपकरण लगाएगी।

मुख्यमंत्री ने बुधवार को पीटीआई के साथ एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि उनकी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि पानी का छिड़काव करने वाले उपकरण और ‘स्मॉग गन’ पूरे वर्ष काम करते रहें, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) की पिछली सरकार में इनका इस्तेमाल केवल दो से तीन महीने के लिए होता था।

दिल्ली के प्रदूषण में धूल का बड़ा योगदान है। फरवरी में दिल्ली विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान भाजपा ने शहर की बिगड़ती वायु गुणवत्ता का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया था और इसके लिए तत्कालीन सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) को जिम्मेदार ठहराया था।

चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 70 में से 48 सीटें जीतकर ‘आप’ के 10 साल के शासन को समाप्त कर दिया।

गुप्ता ने कहा, “पिछले वर्षों में वायु गुणवत्ता बहुत खराब हुआ करती थी, लेकिन अब इसमें सुधार हो रहा है। हमारी सरकार इसके अनुसार योजना बना रही है जिससे आगे भी इसमें बदलाव देखने को मिलेगा।"

उन्होंने कहा, “पहले पानी का छिड़काव सिर्फ सर्दियों के दो महीने में किया जाता था। सत्ता में आने के बाद हमें समझ में आया कि वायु प्रदूषण सिर्फ दो महीने की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरे साल बनी रहती है।"

मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्मियों में भी हवा में बहुत अधिक धूल होती है और परिस्थितियां शरद ऋतु या सर्दियों जैसी ही होती हैं।

गुप्ता ने कहा, "इसलिए अब पानी का छिड़काव करने वाले उपकरण और ‘स्मॉग गन’ पूरे साल काम करेंगे। हम रिंग रोड पर स्ट्रीट लाइट के खंभों पर पानी का छिड़काव करने वाले उपकरण लगाने की योजना बना रहे हैं।"

उन्होंने कहा, “ पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) पानी का छिड़काव करने वाले 1,000 उपकरण लगाएगा। 250 नगर निगम वार्ड में से हर में चार उपकरण लगाए जाएंगे और ये साल भर काम करेंगे। हम अपनी नीतियों और प्रयासों में स्पष्ट हैं, इसलिए परिणाम भी स्पष्ट होंगे।”

धूल ‘पार्टिकुलेट मैटर’ (पीएम) 2.5 और पीएम 10 दोनों में महत्वपूर्ण योगदान देती है।

विशेष रूप से पीएम2.5 स्वास्थ्य के लिए बहुत बड़ा खतरा पैदा करते हैं क्योंकि ये फेफड़ों में गहराई तक प्रवेश कर रक्तप्रवाह में मिल सकते हैं।

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