जरुरी जानकारी | बिकवाली दबाव से शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 938 अंक टूटा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी निवेशकों की ओर से पूंजी निकासी का सिलसिला बढ़ने के बीच शेयर बाजारों में बुधवार को चौतरफा बिकवाली से बड़ी गिरावट आयी। बीएसई सेंसेक्स जहां 938 अंक लुढ़क कर 47,500 अंक के नीचे पहुंच गया वहीं एनएसई निफ्टी 14,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया।
मुंबई, 27 जनवरी विदेशी निवेशकों की ओर से पूंजी निकासी का सिलसिला बढ़ने के बीच शेयर बाजारों में बुधवार को चौतरफा बिकवाली से बड़ी गिरावट आयी। बीएसई सेंसेक्स जहां 938 अंक लुढ़क कर 47,500 अंक के नीचे पहुंच गया वहीं एनएसई निफ्टी 14,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया।
यह लगातार चौथा कारोबारी सत्र है जब बाजार नीचे आया है।
बीएसई30 सेंसेक्स 937.66 अंक यानी 1.94 प्रतिशत की गिरावट के साथ 47,409.93 अंक पर बंद हुआ। कुल मिलाकर चार सत्रों में सेंसेक्स 2,382.19 अंक यानी 4.78 प्रतिशत टूट चुका है।दिन में इसमें 1,117.65 अंक का उतार-चढ़ाव आया।
इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 271.40 अंक यानी 1.91 प्रतिशत की गिरावट के साथ 13,967.50 अंक पर आ गया। अबतक चार सत्रों में कुल मिलाकर यह 677.20 अंक यानी 4.62 प्रतिशत घट चुका है।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में 24 नुकसान में जबकि 6 लाभ में रहे। सेंसेक्स के जिन शेयरों में बड़ी गिरावट आयी, उनमें एक्सिस बैंक, टाइटन, इंडसइंड बैंक, एचडीएफसी बैंक, डा. रेड्डीज, एचडीएफसी और एशियन पेंट शामिल हैं। इनमें 4.05 प्रतिशत तक की गिरावट आयी।
दूसरी तरफ टेक महिंद्रा, आईटीसी, पावरग्रिड, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचसीएल टेक और नेस्ले इंडिया 2.57 प्रतिशत तक मजबूत हुए।
खंडवार 19 सूचकांकों में से दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियों (एफएमसीजी) के शेयरों से जुड़े सूचकांक को छोड़कर अन्य सभी में गिरावट दर्ज की गयी।
विश्लेषकों के अनुसार निवेशकों ने वायदा एवं विकल्प खंडों में सौदों के निपटान और अगले सप्ताह पेश होने वाले बजट से पहले मुनाफावसूली को तरजीह दी।
शेयर बाजार के पास उपलब्ध आंकड़े के अनुसार विदेशी निवेशकों ने सोमवार को शुद्ध आधार पर 765.30 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।
घरेलू शेयर बाजार मंगलवार को गणतंत्र दिवस के मौके पर बंद रहा।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘यह सचाई है कि एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशक) के पूंजी प्रवाह में गिरावट इस तेजी के लिये सबसे बड़ा जोखिम होगा। एफआईआई की लगातार दूसरे दिन बिकवाली के साथ वैश्विक बाजारों में मिले-जुले रुख का असर घरेलू बाजार पर पड़ा है...।’’
एशिया के अन्य बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। वाल स्ट्रीट के रिकार्ड स्तर से नीचे आने के बाद निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।
इस बीच, वैश्विक तेल बाजार में मानक ब्रेंट क्रूड 0.41 प्रतिशत की बढ़त के साथ 55.87 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था।
विदेशी विनिमय बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 2 पैसे मजबूत होकर 72.92 पर बंद हुआ।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jan 27, 2021 05:56 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

