‘Rent a Garba Partner’ Controversy: नवरात्रि से पहले गुजरात में 'किराए पर गरबा पार्टनर' के विज्ञापन वायरल; साइबर सेल ने जारी किया फ्रॉड अलर्ट, बजरंग दल ने की जांच की मांग
गुजरात में आगामी नवरात्रि पर्व से पहले सोशल मीडिया पर 'रेंट अ गरबा पार्टनर' के नाम से पोस्ट्स तेजी से वायरल हो रही हैं, जिसमें निश्चित शुल्क के बदले गरबा खेलने के लिए साथी मुहैया कराने के दावे किए गए हैं. इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर सिल्वर, गोल्ड और प्लेटिनम पैकेज के तहत ₹1,000 से लेकर ₹2,000 प्रति रात तक के ऑफर दिए जा रहे हैं. इस ट्रेंड को लेकर अहमदाबाद साइबर क्राइम सेल ने नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी और अज्ञात खातों में पैसे ट्रांसफर न करने को लेकर अलर्ट जारी किया है.
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अहमदाबाद/सूरत: गुजरात में मां शक्ति की उपासना और पारंपरिक रास-गरबा के महापर्व नवरात्रि की तैयारियों के बीच एक असामान्य और विवादित सोशल मीडिया ट्रेंड ने तूल पकड़ लिया है. अहमदाबाद और सूरत सहित राज्य के कई शहरों में इंस्टाग्राम और फेसबुक पर 'रेंट अ गरबा पार्टनर' (किराए पर गरबा साथी) के लुभावने विज्ञापन प्रसारित हो रहे हैं.
रिपोर्ट के अनुसार, इन विज्ञापनों में युवाओं को पैसे देकर गरबा नाइट में साथ जाने, मैचिंग कपड़े पहनने और सोशल मीडिया रील्स बनाने के पैकेज दिए जा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अहमदाबाद साइबर क्राइम सेल ने एडवाइजरी जारी कर लोगों को आर्थिक नुकसान से बचने की चेतावनी दी है. यह भी पढ़ें: Jalna Ganeshotsav: महाराष्ट्र के जालना में 108 किलो चांदी और सोने की परत से सजी गणपति प्रतिमा स्थापित, दर्शन के लिए उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़; VIDEO
सिल्वर से लेकर प्लेटिनम पैकेज: क्या-क्या किए जा रहे हैं दावे?
सोशल मीडिया पर तैर रहे इन विज्ञापनों में विभिन्न प्रकार के पैकेज पेश किए गए हैं:
- सिल्वर पैकेज (₹1,000): दो घंटे की गरबा पार्टनरशिप, जिसमें मैचिंग ड्रेस समन्वय, गरबा के बुनियादी स्टेप्स सिखाना और सेल्फी शामिल हैं.
- गोल्ड पैकेज (₹1,500): चार घंटे का समय, इंस्टाग्राम रील्स, तस्वीरें और सोशल मीडिया पर दिखाने के लिए एक गढ़ी हुई कहानी (फेक बैकस्टोरी) कि दोनों कैसे मिले.
- प्लेटिनम पैकेज (₹2,000): पूरी रात का गरबा इवेंट, जिसमें परिधान चुनने में मदद, सार्वजनिक मंच पर साथ और सुरक्षित घर छोड़ने (ड्रॉप सर्विस) तक के दावे किए गए हैं.
- कुछ प्रोफाइल्स पर ₹10,000 तक के 'डायमंड' पैकेज और एनआरआई पार्टनर के साथ डांस कराने जैसे ऑफर भी देखे गए हैं.
अहमदाबाद साइबर क्राइम सेल का अलर्ट: न भेजें पैसे
The Times of India की रिपोर्ट और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, साइबर सेल के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) हार्दिक मंडाकिया ने बताया कि पुलिस पिछले कई दिनों से इन गतिविधियों पर नजर रख रही है:
- रीच पाने का हथकंडा: शुरुआती जांच में पाया गया कि कुछ एकाउंट्स ने केवल सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स और व्यूज बढ़ाने के लिए ऐसे पोस्ट डाले थे, जो बाद में अन्य हैंडल्स द्वारा एआई-जनरेटेड सामग्री के साथ फैलाए जाने लगे।
- वित्तीय धोखाधड़ी का जोखिम: पुलिस ने नागरिकों को आगाह किया है कि किसी अनजान प्रोफाइल के झांसे में आकर ऑनलाइन भुगतान न करें और न ही निजी जानकारी साझा करें।
- अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने ऐसे विज्ञापनों के जरिए पैसे गंवाए हैं, तो वह तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराए।सूरत पुलिस की एसओजी (SOG) टीम भी संदिग्ध प्रोफाइल्स की तकनीकी जांच कर रही है।
अहमदाबाद में 'रेंट ए गरबा पार्टनर' वाले पोस्ट से धोखाधड़ी की चेतावनी
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— Sandesh (@sandeshnews) September 20, 2026
मीम और मजाक से शुरू हुआ था ट्रेंड
रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे मामले की शुरुआत सितंबर के मध्य में एक इंस्टाग्राम यूजर कृष मिस्त्री द्वारा व्यंग्य (Satirical Post) के रूप में किए गए एक पोस्ट से हुई थी:
- पोस्ट में नारा दिया गया था—"इस नवरात्रि अकेले न नाचें"।
- विवाद बढ़ने और आलोचना होने के बाद संबंधित यूजर ने सफाई दी कि उसका मकसद किसी व्यावसायिक सेवा को बढ़ावा देना नहीं बल्कि केवल हास्य और मनोरंजन था, जिसके बाद उसने वह पोस्ट हटा दी.
- हालांकि, इसके बाद कई अन्य पेजों ने इसे फॉलोअर्स बटोरने का जरिया बना लिया, जिससे यह एक वास्तविक सेवा जैसा प्रतीत होने लगा.
संस्कृति का अपमान बताकर बजरंग दल ने उठाई जांच की मांग
इस ट्रेंड के सामने आने के बाद स्थानीय संगठनों और धार्मिक समूहों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है:
- बजरंग दल की प्रतिक्रिया: सूरत में बजरंग दल के कार्यकर्ता प्रताप राजपुरोहित ने कहा कि नवरात्रि मां आद्यशक्ति की उपासना, आस्था और पारिवारिक मिलन का पवित्र त्योहार है, न कि इस तरह किराए पर साथी तलाशने का बाजार. उन्होंने इसे संस्कृति को कलंकित करने की विकृत मानसिकता करार दिया.
- पहचान उजागर करने की मांग: गुजरात बजरंग दल के क्षेत्रीय सह-संयोजक ज्वलित मेहता ने पुलिस प्रशासन से ऐसे विज्ञापनों के पीछे छिपे लोगों की पहचान कर उनके इरादों की जांच करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि समाज में लोग परिवार और मित्रों के साथ गरबा खेलते हैं, इसलिए इस तरह की भ्रामक गतिविधियों पर पूर्ण रोक लगनी चाहिए.
हालांकि पुलिस को अभी तक इस संबंध में पैसे ठगे जाने की कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है, लेकिन नवरात्रि की भीड़ और त्योहार के भावनात्मक पहलू को देखते हुए साइबर सेल और पुलिस टीमें सोशल मीडिया हैंडल्स पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 21, 2026 01:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

