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Shri Ramcharit Manas Controversy: छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने योगी आदित्यनाथ-स्वामी प्रसाद मौर्य पर साधा निशाना, विनोबा भावे की सलाह मानने का आह्वान

बघेल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ यह (विवाद) दोनों (उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री) योगी आदित्यनाथ एवं मौर्य के वोट हासिल करने में माफिक है. हालांकि लोग उसकी (ऐसे टकरावों की) मार झेलते हैं क्योंकि जरूरी मुद्दों की अनदेखी कर दी जाती है.’’

Shri Ramcharit Manas Controversy: छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने योगी आदित्यनाथ-स्वामी प्रसाद मौर्य पर साधा निशाना, विनोबा भावे की सलाह मानने का आह्वान
छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल (Photo Credits: ANI)

रायपुर: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने शुक्रवार को कहा कि तुलसीदास (Tulsidas) रचित महाकाव्य ‘ श्रीरामचरितमानस’ (Shriramcharitmanas) के कुछ हिस्से के कथित रूप से महिलाओं और पिछड़े समुदाय के विरूद्ध होने को लेकर विवाद उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के नेताओं द्वारा वोटबैंक की राजनीति के तहत खड़ा किया जा रहा है. उत्तर प्रदेश में ‘श्रीरामचरितमानस’ को लेकर विवाद समाजवादी पार्टी (SP) के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) के एक बयान से उत्पन्न हुआ है. उन्होंने गत 22 जनवरी को दावा किया था कि उसके कुछ हिस्से जाति के आधार पर समाज के एक बड़े वर्ग का अपमान करते हैं. उन्होंने मांग की थी कि उन पर ‘प्रतिबंध’ लगाया जाए.

बघेल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ यह (विवाद) दोनों (उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री) योगी आदित्यनाथ एवं मौर्य के वोट हासिल करने में माफिक है. हालांकि लोग उसकी (ऐसे टकरावों की) मार झेलते हैं क्योंकि जरूरी मुद्दों की अनदेखी कर दी जाती है.’’ Bomb Threat: राम जन्मभूमि को 10 बजे बम से उड़ाने की धमकी, एक्शन में पुलिस, बढ़ाई गई सुरक्षा

उन्होंने कहा कि ‘‘दो-चार दोहों’ से ऐसे महाकाव्य पर कोई फर्क नहीं पड़ता है. उन्होंने कहा कि किसी को भी समाज सुधारक विनोबा भावे की यह सलाह माननी चाहिए कि किसी भी धर्मग्रंथ या दर्शन के गुणों पर वर्तमान संदर्भ में चर्चा की जानी चाहिए.

बघेल ने कहा कि भावे ने सलाह दी थी कि (किसी भी पुस्तक या दर्शन) के मूलभूत तत्वों पर चर्चा की जानी चाहिए और विचार-विमर्श के बाद उसके सूक्ष्म तथ्यों को स्वीकार किया जाना चाहिए. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बघेल ने कहा, ‘‘यह विवाद ही गलत है. श्रीरामचरित मानस तुलसीदास द्वारा 650 साल पहले लिखा गया था जबकि वाल्मीकि ने तो उससे भी काफी पहले लिखा था. आपको रामायण से अच्छी बातें स्वीकार करनी चाहिए और जो बातें आपको पसंद नहीं हैं, उन्हें छोड़ दीजिए.’’

किसी का नाम लिये बगैर बघेल ने कहा, ‘‘ऐसे छोटे मुद्दों को लेकर विवाद खड़ा करके आप बस वोटों की राजनीति कर रहे हैं.’’

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(The above story first appeared on LatestLY on Feb 03, 2023 08:16 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).