देश की खबरें | मणिपुर में फंसे विद्यार्थियों को लाने के लिए विशेष उड़ान की व्यवस्था की जाएगी: मुख्यमंत्री शिंदे
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मुंबई, सात मई महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को कहा कि हिंसा प्रभावित मणिपुर में राज्य के 22 छात्र फंसे हुए हैं जिन्हें पहले असम ले जाया जाएगा और वहां से उन्हें घर वापस लाने के लिए एक विशेष उड़ान की व्यवस्था की जाएगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी बयान के अनुसार, मणिपुर में फिलहाल महाराष्ट्र के 14 विद्यार्थियों को शिवसेना के स्थानीय कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है।
पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में आदिवासियों और बहुसंख्यक मेइती समुदाय के सदस्यों के बीच हाल ही में हिंसक झड़पें हुईं, जिसमें अब तक 13,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं और कम से कम 54 लोग मारे गए हैं।
बहुसंख्यक मेइती समुदाय की ओर से अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिए जाने की मांग के विरोध में ‘ऑल ट्राइबल स्टूडेंट यूनियन मणिपुर’ (एटीएसयूएम) की ओर से बुधवार को आयोजित ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के दौरान चुराचांदपुर जिले के तोरबंग क्षेत्र में हिंसा भड़क गई थी, जो धीरे-धीरे पूरे राज्य में फैल गई थी।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री शिंदे ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि उनकी सरकार मणिपुर की स्थिति पर नजर रख रही है। उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने भी प्रभावित विद्यार्थियों की मदद करने का वादा किया है।
शिंदे ने कहा, ‘‘महाराष्ट्र के 22 छात्र मणिपुर में हैं। मैंने उनमें से दो-विकास शर्मा और तुषार अवहाद से बातचीत की है, और उन्हें घर वापस लाने के लिए विशेष उड़ान की व्यवस्था करने का भरोसा दिलाया है। मैंने उनसे किसी भी परिस्थिति से भयभीत नहीं होने को कहा है। उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए राज्य हर संभव व्यवस्था कर रहा है।’’
विज्ञप्ति में कहा गया है कि छात्र मणिपुर स्थित प्रौद्योगिकी संस्थानों में पढ़ाई कर रहे हैं। मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा, ‘‘मैंने सभी जरूरी व्यवस्था करने के लिए महाराष्ट्र के मुख्य सचिव मनोज सौनिक और राज्य के अन्य अधिकारियों से भी बतचीत की है। हम हालात पर करीब से नजर रख रहे हैं।’’
बाद में शिंदे के कार्यालय से एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि उन्होंने मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह और असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा से फोन पर बात की और महाराष्ट्र के विद्यार्थियों को घर लौटने के लिए सुरक्षित मार्ग प्रदान करने पर चर्चा की।
बयान के मुताबिक, विद्यार्थियों को पहले असम भेजा जाएगा और वहां से उनके लिए घर लौटने के लिए एक विशेष उड़ान की व्यवस्था की जाएगी।
बयान में कहा गया है कि शिंदे ने इस संबंध में शर्मा से संपर्क किया है।
शिंदे के कार्यालय ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने शिवसेना के मणिपुर राज्य प्रमुख एम. तोम्बी सिंह से भी फोन पर बात की है और उनसे स्थानीय स्तर पर सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए कहा है।
शिंदे के कार्यालय ने शाम को कहा कि 14 विद्यार्थियों को मणिपुर में शिवसेना के कार्यालय में रखा गया है जहां उन्हें ‘भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुएं’ दी गई हैं।
बयान के अनुसार, ‘‘फोन पर बातचीत में शिंदे ने विद्यार्थियों से बात की और उनकी सुरक्षा और कल्याण के बारे में पूछा। विद्यार्थियों ने इतने कम समय में मदद के लिए शिंदे को धन्यवाद दिया।’’
महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता अजीत पवार ने पुणे के बारामती में संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने मणिपुर से विद्यार्थियों को सुरक्षित वापस लाने के लिए मुख्यमंत्री शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा है।
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