ताजा खबरें | सपा नहीं चाहती एससी-एसटी वर्ग के लोगों को आरक्षण का लाभ मिले : मायावती
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने मंगलवार को आरक्षण का मुद्दे उठाते हुए आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी (सपा) नहीं चाहती कि अनुसूचित जाती (एससी)- अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के लोगों को आरक्षण का लाभ मिले।
मेरठ (उप्र), 23 अप्रैल बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने मंगलवार को आरक्षण का मुद्दे उठाते हुए आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी (सपा) नहीं चाहती कि अनुसूचित जाती (एससी)- अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के लोगों को आरक्षण का लाभ मिले।
मायावती ने दावा किया कि अगर उनकी पार्टी केंद्र की सत्ता में आयी तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाया जाएगा।
बसपा प्रमुख मेरठ के लोहिया नगर क्षेत्र के अलीपुर मैदान में पार्टी उम्मीदवार देवव्रत कुमार त्यागी के समर्थन में एक चुनावी जनसभा को संबोधित कर रही थीं।
उन्होंने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) व कांग्रेस पर निशाना साधा और आरक्षण के मुद्दे को लेकर सपा को कटघरे में खड़ा किया।
मायावती ने कहा, ''सरकारी नौकरियों में दलितों, आदिवासियों को दिया जाने वाला आरक्षण वर्षों से अभी तक पूरा नहीं हुआ।''
मायावती ने कहा, ''उप्र में जब सपा की सरकार थी तब एससी-एसटी वर्ग के सरकारी कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण बिल्कुल खत्म कर दिया था।''
बसपा प्रमुख ने आम मतदाताओं को सपा से सचेत करते हुए कहा '' क्या एससी-एसटी के कर्मचारी वर्ग ऐसी पार्टी (सपा) को वोट देकर अपना वोट खराब करेंगे, जो आपके आरक्षण को खत्म करने के लिए पूरे जी जान से लगी हुई है।''
उन्होंने आरोप लगाया, ''सपा नहीं चाहती है कि एससी-एसटी वर्ग के लोगों को आरक्षण का लाभ मिले।''
पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल पूछा, ''जब पदोन्नति में आरक्षण को प्रभावी बनाने के लिए राज्यसभा में बसपा संशोधन विधेयक लेकर आई तो सपा सांसदों ने संसद में इस बिल को फाड़ दिया था। आप खुद ही बताइए कि ऐसी समाजवादी पार्टी दलितों शोषितों का क्या भला कर सकती है?''
मायावती ने पश्चिमी क्षेत्र को मिलाकर अलग से राज्य बनाने का भी वादा किया।
उन्होंने याद दिलाया कि मायावती सरकार ने प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार के पास भेजा था लेकिन केंद्र सरकार ने उसे अमल में नहीं लाया।
2011 में मायावती सरकार ने उत्तर प्रदेश को विभाजित कर पूर्वांचल, पश्चिमी उप्र और बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाने का प्रस्ताव पारित किया था।
उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र में हमारी पार्टी सत्ता में आयी तो पश्चिमी उप्र को अलग राज्य बनाया जाएगा।
मायावती ने मेरठ लोकसभा सीट से बसपा उम्मीदवार को चुनाव जिताने की अपील की।
मेरठ में दूसरे चरण के अंतर्गत 26 अप्रैल को मतदान होना है।
मेरठ लोकसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार अरुण गोविल, समाजवादी पार्टी की सुनीता वर्मा और बसपा के देवव्रत कुमार त्यागी मुकाबले में हैं।
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