जरुरी जानकारी | मांग बढ़ने और आवक घटने से सोयाबीन तेल-तिलहन, सीपीओ, पामोलीन और बिनौला तेल कीमतों में सुधार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सोयाबीन की अगली बिजाई तक सहकारी संस्था नेफेड के बिकवाली रोकने और मांग में आई तेजी के बीच किसानों द्वारा अपनी तिलहन ऊपज की आवक घटाने से देश के तेल-तिलहन बाजार में शनिवार को सोयाबीन तेल-तिलहन के साथ कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन और बिनौला तेल के दाम मजबूत बंद हुए। सुस्त कारोबार के बीच सरसों एवं मूंगफली तेल-तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।

नयी दिल्ली, 29 मार्च सोयाबीन की अगली बिजाई तक सहकारी संस्था नेफेड के बिकवाली रोकने और मांग में आई तेजी के बीच किसानों द्वारा अपनी तिलहन ऊपज की आवक घटाने से देश के तेल-तिलहन बाजार में शनिवार को सोयाबीन तेल-तिलहन के साथ कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन और बिनौला तेल के दाम मजबूत बंद हुए। सुस्त कारोबार के बीच सरसों एवं मूंगफली तेल-तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।

बाजार सूत्रों ने कहा कि नेफेड ने सोयाबीन की अगली बुवाई तक सोयाबीन बिक्री पर रोक लगा दी है। इससे सोयाबीन के किसानों को अब सोयाबीन के अच्छे दाम मिलने की उम्मीद बढ़ने लगी है जिसका हाजिर दाम अपने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से काफी नीचे चल रहा था। किसानों ने अच्छे दाम की उम्मीद में आवक भी लानी कम कर दी है। उधर आगामी त्योहारों और शादी विवाह के मौसम की मांग धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। इस स्थिति में सोयाबीन तेल-तिलहन के दाम में सुधार आया।

उन्होंने कहा कि मलेशिया में कच्चे पामतेल और सीपीओ के बस दाम ऊंचा बोले जा रहे हैं पर असल में इस भाव पर लिवाल का मिलना मुश्किल है। दाम ऊंचा बोले जाने से पाम, पामोलीन में भी सुधार है।

बिनौले की उपलब्धता और मंडियों में उसकी आवक कमजोर है जिस वजह से बिनौला तेल के दाम में सुधार है।

सूत्रों ने कहा कि वार्षिक लेखाबंदी के कारण सुस्त कारोबार के बीच सरसों और मूंगफली तेल-तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे। अगले कुछ दिनों में इन तेलों के कारोबार का रुख तय होगा। वैसे बाजार में मांग बनी हुई है और नवरात्र के त्योहार और शादी-विवाह के मौसम को देखते हुए आगे मांग बढ़ने की उम्मीद की जा रही है। फिलहाल सरसों एवं मूंगफली तेल-तिलहन के दाम पूर्वस्तर पर बने रहे।

उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में बिनौले का विकल्प माने जाने वाले सूरजमुखी और पामोलीन के दाम काफी अधिक हैं। इस ऊंचे दाम के कारण सूरजमुखी और पामोलीन के लिवाल कम हैं। इस स्थिति के कारण भी बिनौला तेल कीमत में सुधार आया।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 6,275-6,375 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 5,850-6,225 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 14,650 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,290-2,590 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 13,450 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,38000-2,480 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,380-2,505 रुपये प्रति टिन।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,825 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,475 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,775 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 13,050 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,875 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 14,500 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 13,450 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 4,425-4,475 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,125-4,175 रुपये प्रति क्विंटल।

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