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जरुरी जानकारी | ‘सोयाबीन डीगम,पॉम तेल में बढ़ी मांग, घरेलू उत्पादकों के हित में तिलहन एमएसपी उपलब्ध कराना जरूरी’

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सोयाबीन डीगम की दूसरे तेलों में मिलाने के लिये मांग होने तथा दूसरे तेलों के मुकाबले सस्ता होने से पाम तेल में मांग बढ़ने से दिल्ली तेल तिलहन बाजार में शुक्रवार को इन दोनों आयातित तेलों के भाव बढ़त के साथ बंद हुये।

जरुरी जानकारी | ‘सोयाबीन डीगम,पॉम तेल में बढ़ी मांग, घरेलू उत्पादकों के हित में तिलहन एमएसपी उपलब्ध कराना जरूरी’

नयी दिल्ली, छह नवंबर सोयाबीन डीगम की दूसरे तेलों में मिलाने के लिये मांग होने तथा दूसरे तेलों के मुकाबले सस्ता होने से पाम तेल में मांग बढ़ने से दिल्ली तेल तिलहन बाजार में शुक्रवार को इन दोनों आयातित तेलों के भाव बढ़त के साथ बंद हुये।

बाजार सूत्रों ने कहा कि हल्के तेलों में सबसे सस्ता होने के कारण सोयाबीन की त्यौहारी मांग है और इसके अलावा दूसरे तेलों में मिश्रण के लिए भी इस तेल की मांग है।

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उन्होंने कहा कि विदेशों से सोयाबीन दाने का आयात बढ़ने से यहां सोयाबीन दाना और लूज में गिरावट रही। आयातित सोयाबीन सस्ता है और यह देश के किसानों के लिए अच्छी खबर नहीं है। सूरजमुखी तेल का भाव न्यूनतम समर्थन (एमएसपी) से 20 प्रतिशत नीचे चल रहा है इस स्थिति को संभालने की आवश्यकता है।

बाजार सूत्रों ने कहा कि तेल उत्पादन में हमें आत्मनिर्भरता हासिल करनी होगी और विदेशों से आयात पर निर्भरता को कम करना होगा। इसके लिए यह सुनिश्चित करना होगा कि किसानों को उनकी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) उपलब्ध हो। तभी किसान प्रोत्साहित होंगे और तिलहन उत्पादन बढ़ेगा।

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बाजार के जानकार कहते हैं कि वायदा कारोबार में सटोरियों की चाल से पूरे बाजार को नुकसान पहुंचता है। सटोरिये भाव तोड़ते हैं लेकिन उनके भाव तोड़ने का लाभ न तो उद्योग को होता है और न ही उपभोक्ता को कोई तेल सस्ता मिलता है। सरकार को तिलहनों का वायदा कारोबार बंद कर देना चाहिये तभी आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ठोस पहल हो सकेगी।

उन्होंने कहा कि आयात शुल्क मूल्य बाजार की घटबढ़ के अनुरूप तय होने चाहिये वायदा बाजार की घटबढ़ को देखते हुये तय नहीं किये जाने चाहिये।

तेल-तिलहन बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन - 6,250 - 6,300 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली दाना - 5,265- 5,315 रुपये।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 13,240 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,055 - 2,115 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 12,400 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,880 - 2,030 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,000 - 2,110 रुपये प्रति टिन।

तिल मिल डिलिवरी तेल- 11,000 - 15,000 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,750 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 10,500 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम- 9,650 रुपये।

सीपीओ एक्स-कांडला- 8,680 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,400 रुपये।

पामोलीन आरबीडी दिल्ली- 10,050 रुपये।

पामोलीन कांडला- 9,250 रुपये (बिना जीएसटी के)।

सोयाबीन तिलहन मिल डिलिवरी भाव 4,360 - 4,410 लूज में 4,230 -- 4,260 रुपये।

मक्का खल (सरिस्का) - 3,500 रुपये

राजेश

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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 06, 2020 07:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).