देश की खबरें | सोनोवाल ने गैस के कुएं से रिसाव एवं आग लगने की घटना की उच्च स्तरीय जांच के दिये आदेश
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने तिनसुकिया जिले में ऑयल इंडिया लिमिटेड के गैस के कुएं से अनियंत्रित रिसाव और बाद में आग लग जाने की परिस्थितियों की बृहस्पतिवार को जांच के आदेश दिये। एक दिन पहले ही पास में स्थित दलदली क्षेत्र में दो दमकलकर्मी मृत पाए गए थे।
डिब्रूगढ़ (असम), 11 जून असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने तिनसुकिया जिले में ऑयल इंडिया लिमिटेड के गैस के कुएं से अनियंत्रित रिसाव और बाद में आग लग जाने की परिस्थितियों की बृहस्पतिवार को जांच के आदेश दिये। एक दिन पहले ही पास में स्थित दलदली क्षेत्र में दो दमकलकर्मी मृत पाए गए थे।
ऑयल इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस बीच गैस के कुएं के आसपास लगी आग पर काबू पा लिया गया है, जो मंगलवार को लग गयी थी। अमेरिका और कनाडा के तीन विशेषज्ञ इस आग को पूरी तरह बुझाने की कोशिश में मदद करने के लिए असम आयेंगे।
मुख्यमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अवर मुख्य सचिव मनिंदर सिंह यह जांच करेंगे और उनसे 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
अधिकारी ने कहा, ‘‘जांच में कंपनी के कुछ अधिकारियों एवं उसके एक निजी संचालक द्वारा लापरवाही बरते जाने के आरोप पर भी गौर किया जाएगा। पता किया जाएगा कि इस त्रासदी के लिए कौन जिम्मेदार है।’’
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उन्होंने बताया कि जांच में यह पता किया जाएगा कि कैसे यह पूरी त्रासदी हुई और इसकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या कदम उठाये जाने चाहिए।
इस संयंत्र के पांचवें नंबर कुएं से पिछले 16 दिनों से अनियंत्रित रूप से गैस का रिसाव हो रहा था और उसमें मंगलवार दोपहर आग लग गयी।
‘ऑयल इंडिया’ के प्रवक्ता त्रिदिव हजारिका ने बताया था कि कुएं में आग लगने के बाद दो दमकलकर्मी मंगलवार को लापता हो गए थे और एनडीआरएफ के एक दल ने बुधवार सुबह उनके शव बरामद किए।
उन्होंने कहा था, ‘‘उनके शव आग लगने वाली जगह के निकट पानी वाले क्षेत्र से बरामद किए गए। प्रथम दृष्ट्या प्रतीत होता है कि वे पानी में कूद गए और डूब गए क्योंकि उनके शरीर पर जलने का कोई निशान नहीं हैं। उनकी मौत की असल वजह जांच के बाद ही पता चल पाएगी।’’
इस बीच ऑयल इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गैस के कुएं के आसपास लगी आग पर काबू पा लिया गया और अब आग बस कुएं के मुहाने के पास तक है।
कंपनी ने किसी भी अप्रिय घटना से बचने और आम लोगों को नुकसान से बचाने के लिए कुएं के 1.5 किलोमीटर के दायरे को ''रेड जोन'' घोषित किया है।
मंगलवार को आग लग जाने के बाद स्थानीय लोगों ने गुस्से में आकर ऑयल इंडिया के कर्मचारियों पर हमला कर दिया। कई कर्मचारी घायल हो गये। कई वाहनों को भी नुकसान पहुंचा था।
कंपनी और तिनसुकिया जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने आसपास के करीब 7000 लोगों को 12 राहत शिविरों में पहुंचाया है।
कंपनी के सार्वजनिक मामलों के वरिष्ठ प्रबंधक जयंत बोरमुडोई ने 'पीटीआई-' से कहा, ''अब केवल कुएं के मुहाने पर बह रही गैस ही जल रही है। हमने 1.5 किमी के दायरे वाले क्षेत्र को रेड जोन घोषित किया है ताकि कोई भी बाहरी व्यक्ति वहां न जाए। सुरक्षा उपाय के तौर पर यह किया गया है।''
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