लखनऊ/महाकुंभ नगर, दो फरवरी जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने रविवार को प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ की व्यवस्था को लेकर सरकार की आलोचना करने वालों पर निशाना साधा और कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए कुछ लोग महाकुंभ में प्रदेश सरकार की व्यवस्था की निंदा कर रहे हैं।
स्वामी अवधेशानंद ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘राजनीतिक विद्वेष रखकर भारतीय संस्कृति के उच्चतम आध्यात्मिक प्रतिमानों की जीवन्त अभिव्यक्ति कुम्भ के आध्यात्मिक वैशिष्ट्य को अनुभूत नहीं किया जा सकता।’’
उन्होंने लिखा, ‘‘राजनीतिक लाभ के लिए कुछ लोग महाकुम्भ-2025 प्रयागराज में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं की निन्दा कर रहे हैं, जो सर्वथा राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित है।’’
उन्होंने 29 जनवरी को हुए हादसे के संदर्भ में कहा, ‘‘मौनी अमावस्या पर प्रयागराज में एकत्रित भारी भीड़ के कारण अखाड़ा परिषद और सभी प्रमुख सन्तों ने सांकेतिक स्नान का निर्णय लिया था, किन्तु उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री गोरक्षपीठाधीश्वर पूज्य श्री योगी आदित्यनाथ जी की भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक जीवन मूल्यों के प्रति निष्ठा और प्रशासन के श्रेष्ठ प्रबन्धन के कारण सभी अखाड़े और पूज्य सन्त अमृत-स्नान कर सके।’’
महाकुंभ में 29 जनवरी को तड़के मची भगदड़ में 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गयी और 60 अन्य घायल हो गए। इस हादसे को लेकर विपक्षी राजनीतिक दल और कुछ संत राज्य सरकार की आलोचना कर रहे हैं।
जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर ने महाकुंभ में बेहतर व्यवस्थाओं के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री आदित्यनाथ और शासन-प्रशासन के प्रति हार्दिक आभार जताया।
उन्होंने कहा, ‘‘मौनी अमावस्या के बाद बसंत पंचमी के अवसर पर आयोजित ‘अमृत-स्नान’ में सभी अखाड़े पूर्व निर्धारित क्रमानुसार सम्मिलित होंगे। महाकुम्भ के अद्भुत अलौकिक व्यवस्था से हम सभी अत्यन्त हर्षित एवं गौरवान्वित हैं।’’
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