देश की खबरें | मप्र में सोल्लास मनी ईद, परशुराम जयंती; कर्फ्यूग्रस्त खरगोन में उत्सव कम

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कोरोना वायरस से संबंधित प्रतिबंधों के बाद मध्य प्रदेश में दो साल बाद मुक्त माहौल में ईद-उल-फितर, परशुराम जयंती और अक्षय तृतीया त्योहार पारंपरिक उत्साह और उल्लास के साथ मनाए गए, वहीं हिंसाग्रस्त खरगोन शहर में प्रशासन द्वारा कर्फ्यू में कोई ढील नहीं दिए जाने से माहौल फीका सा रहा, क्योंकि लोगों ने घर के अंदर रहकर ही त्योहार मनाया।

खरगोन/ भोपाल, तीन मई कोरोना वायरस से संबंधित प्रतिबंधों के बाद मध्य प्रदेश में दो साल बाद मुक्त माहौल में ईद-उल-फितर, परशुराम जयंती और अक्षय तृतीया त्योहार पारंपरिक उत्साह और उल्लास के साथ मनाए गए, वहीं हिंसाग्रस्त खरगोन शहर में प्रशासन द्वारा कर्फ्यू में कोई ढील नहीं दिए जाने से माहौल फीका सा रहा, क्योंकि लोगों ने घर के अंदर रहकर ही त्योहार मनाया।

खरगोन में मुसलमानों ने ईद-उल-फितर के अवसर पर अपने घरों के अंदर नमाज अदा की, जबकि हिंदुओं ने भी अपने घरों में रहकर अपने त्योहार मनाये।

स्थानीय निवासी नासिर खान ने अपने साल भर के बेटे हासिम को गोद में लिए हुए कहा, ‘‘प्रशासन के निर्देशानुसार हमने ईद के अवसर पर अपने घरों के अंदर नमाज अदा की। हमने स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सभी निर्देशों का पालन किया। हमने शहर में शांति, सद्भाव और सामान्य स्थिति की वापसी के लिए अल्लाह से प्रार्थना की है।’’

एक अन्य निवासी मुख्तार खान ने कहा, ‘‘यह हमारे लिए बड़ा त्योहार है। हमारे 30 रोजे पूरे हो चुके हैं। हम अपने घरों के अंदर रहे और नमाज अदा की। हमने शहर में शांति और सद्भाव स्थापित होने के लिए प्रार्थना की।’’

दस अप्रैल को रामनवमी समारोह के दौरान खरगोन में हिंसा के बाद कस्बे में कर्फ्यू लगा दिया गया था और सभी धार्मिक स्थल बंद कर दिए गए थे।

लोगों को आवश्यक वस्तुएं खरीदने की अनुमति देने के लिए खरगोन में कर्फ्यू में नियमित ढील दी जा रही है, लेकिन मंगलवार को प्रतिबंधों में कोई ढील नहीं दी गई।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि त्योहारों के अवसर पर शहर में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए कर्फ्यू में कोई ढील नहीं दी गई।

खरगोन के प्रभारी एसपी रोहित काशवानी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘दोनों समुदायों के नेताओं के साथ बैठक के बाद त्योहारों के अवसर पर कर्फ्यू में कोई ढील नहीं देने का फैसला किया गया। कस्बे में कड़ी निगरानी रखी जा रही है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 1,300 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।’’

कर्फ्यूग्रस्त शहर में हिंदू समुदाय के लोगों ने भी परशुराम जयंती और अक्षय तृतीया त्योहार अपने घरों में रहकर ही मनाए और समाज में शांति और सद्भाव की प्रार्थना की। भगवान परशुराम को विष्णु का अवतार माना जाता है, जबकि अक्षय तृतीया सौभाग्य और समृद्धि से जुड़ा त्योहार है।

स्थानीय निवासी प्रफुल्ल डोंगरे ने कहा, ‘‘हमने अपने घरों के अंदर रहकर त्योहार मनाये, क्योंकि बाहर जाने और रैलियों के आयोजन की कोई अनुमति नहीं थी। हमने शहर में शांति और सद्भाव की वापसी के लिए भगवान से प्रार्थना की।’’

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ईद, परशुराम जयंती और अक्षय तृतीया के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं।

प्रदेश की राजधानी भोपाल में ईद के मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ईदगाह, ताजुल मस्जिद समेत अन्य जगहों पर नमाज अदा की।

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