नयी दिल्ली, 24 जुलाई एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को अपनी पूर्व कंपनी के डेटाबेस में कथित तौर पर सेंध लगाने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
आरोपी इंजीनियर की लॉकडाउन के दौरान नौकरी चली गई थी और इसे वापस पाने के लिए उसने चुनिंदा सूचनाएं हटाने की खातिर कथित सेंधमारी (हैकिंग) की।
पुलिस उपायुक्त (उत्तर-पश्चिमी) विजयंत आर्य ने कहा कि निजी कंपनी के सीईओ की ओर से दर्ज करायी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आईपी एड्रेस का पता लगाया।
पुलिस ने पुराना मौजपुर निवासी विकेश शर्मा को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया।
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शर्मा ने पुलिस को बताया कि वह कंपनी में वरिष्ठ सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर कार्यरत था और वेतन के मामले में समझौता नहीं करने के बाद उसे निकाल दिया गया था।
उपायुक्त ने कहा कि कंपनी को वित्तीय संकट में डालने के लिए आरोपी ने कई मरीजों का विवरण हटा दिया ताकि कंपनी उसे वापस काम पर रखने को मजबूर हो जाए।
आर्य के मुताबिक, आरोपी ने करीब 18,000 मरीजों की जानकारी और करीब तीन लाख मरीजों के बिलों से संबंधित विवरण हटा दिया। इसके अलावा, आरोपी ने करीब 22,000 फर्जी विवरण डाल दिए।
शफीक अविनाश
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