नयी दिल्ली, 10 अगस्त दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर निशाना साधते हुए बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि उन्हें मणिपुर में महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाए जाने और स्वतंत्रता दिवस पर बिलकिस बानो के बलात्कारियों की रिहाई जैसी घटनाओं पर गुस्सा नहीं आता।
मालीवाल ने यह भी कहा कि स्मृति महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोपी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद बृजभूषण शरण सिंह या बलात्कार और हत्या जैसे अपराधों के लिए 20 साल की जेल की सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को बार-बार मिल रही पैरोल को लेकर "नाराज नहीं होतीं।"
डीसीडब्ल्यू प्रमुख की यह टिप्पणी केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी द्वारा राहुल गांधी के लोकसभा में ‘फ्लाइंग किस’ की भाव-भंगिमा प्रदर्शित करने को लेकर उन पर महिला सांसदों के प्रति अभद्र व्यवहार दिखाने का आरोप लगाए जाने के एक दिन बाद आई है। स्मृति ने राहुल को महिलाओं के प्रति द्वेष रखने वाला व्यक्ति बताते हुए कहा था कि सदन में पहले कभी ऐसा आचरण नहीं देखा गया।
मालीवाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स (पहले ट्विटर) पर जारी लगभग दो मिनट के वीडियो में कहा, "केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री बहुत नाराज हैं। लेकिन मेरी समझ में यह नहीं आता कि यह गुस्सा तब कहां चला जाता है, जब (संसद में) महज उनसे दो पंक्ति पीछे बृजभूषण सिंह नामक व्यक्ति बैठता है।"
डीसीडब्ल्यू प्रमुख ने कहा कि स्मृति ईरानी को बृजभूषण को लेकर गुस्सा नहीं आता, जिन पर कई ओलंपिक विजेता पहलवानों का यौन उत्पीड़न करने, "उन्हें अपने कमरे में बुलाने और उनके साथ अभद्र व्यवहार करने" का आरोप है।
दिल्ली पुलिस ने छह बार के सांसद बृजभूषण के खिलाफ 15 जून को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 354 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल प्रयोग), 354-ए (यौन उत्पीड़न), 354-डी (पीछा करना) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत आरोपपत्र दायर किया था।
मालीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री को तब गुस्सा नहीं आता, "जब मणिपुर में महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाया जाता है, उनके साथ छेड़छाड़ की जाती है और उनके साथ सामूहिक बलात्कार किया जाता है।"
उन्होंने कहा, "स्मृति ईरानी को इस बात पर गुस्सा नहीं आता कि राम रहीम नाम के एक बलात्कारी और हत्यारे को हरियाणा सरकार द्वारा बार-बार पैरोल दी जाती है। उन्हें तब गुस्सा नहीं आया, जब बिलकिस बानो के साथ सामूहिक बलात्कार करने वालों और उनके परिवार के सात सदस्यों की निर्मम हत्या करने वालों को स्वतंत्रता दिवस पर (जेल से) रिहा कर दिया गया।"
उच्चतम न्यायालय ने 18 अप्रैल को बिलकिस बानो मामले में 11 दोषियों को दी गई माफी पर गुजरात सरकार से सवाल किया था और कहा था कि नरमी दिखाने से पहले अपराध की गंभीरता पर विचार किया जाना चाहिए था। इन दोषियों को 15 अगस्त 2022 को जेल से रिहा कर दिया गया था। 2002 के गुजरात दंगों के दौरान जब बिलकिस बानो के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया, तब वह 21 साल की थीं और पांच महीने की गर्भवती थीं।
मालीवाल ने कहा, "उन्हें (स्मृति ईरानी को) इस बात पर गुस्सा नहीं आता कि हर दिन देश के कई हिस्सों से बलात्कार की घटनाओं की भयावह खबरें सामने आती हैं। मुझे लगता कि इस महिला ने अपनी प्राथमिकताएं सही से निर्धारित नहीं की हैं और वह हमेशा 'व्हॉटअबाउटरी' में उलझी रहती है। गुस्सा होना चाहिए, लेकिन सही मुद्दों पर और इसके बाद कार्रवाई भी होनी चाहिए।"
'व्हॉटअबाउटरी' एक ऐसी प्रक्रिया को अपमानजनक अर्थ में दर्शाता है, जिसमें एक महत्वपूर्ण प्रश्न या तर्क पर उत्तर देने या चर्चा करने से बचा जाता है, लेकिन एक महत्वपूर्ण प्रति-प्रश्न के साथ प्रतिवाद किया जाता है और प्रति-आरोप लगाया जाता है।
केंद्र सरकार के 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा, "क्या इसी तरह बेटियां बचेंगी और शिक्षित होंगी।"
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा ने भी बृहस्पतिवार को स्मृति ईरानी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब एक भाजपा सांसद पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया था, तब उनके मुंह से एक भी शब्द नहीं सुना गया था और अब "वह एक 'फ्लाइंग किस' के बारे में बात कर रही हैं।" मोइत्रा का स्पष्ट इशारा बृजभूषण की तरफ था।
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