नयी दिल्ली, एक अप्रैल संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने शुक्रवार को कहा कि वह न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर केंद्र द्वारा गठित की जाने वाली समिति के लिए तब तक अपने सदस्यों का नाम नहीं देगा, जब तक कि समिति के बारे में जानकारी साझा नहीं की जाती।
किसान संघों के संगठन एसकेएम ने एमएसपी के समिति के गठन व अन्य वादों को पूरा करने में कथित तौर पर विफल रहने के लिये 21 मार्च को केंद्र के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया था।
एसकेएम नेताओं द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है, ''एसकेएम ने तब तक समिति के लिये नाम देने से इनकार कर दिया जब तक इसके बारे में जानकारी साझा नहीं की जाती।''
बयान में कहा गया है, ''जब तक हम इस समिति की प्रकृति और एजेंडे को पूरी तरह नहीं जान लेते, तब तक ऐसी किसी भी समिति में भाग लेना सार्थक नहीं होगा।''
बयान में कहा गया है कि एसकेएम समन्वय समिति के सदस्य युद्धवीर सिंह को 22 मार्च को कृषि सचिव का फोन आया था, जिसमें समिति के लिए संगठन से 2-3 नाम मांगे गए थे।
हालांकि, संगठन ने कहा कि मौखिक संचार के दौरान समिति के बारे में महत्वपूर्ण विवरण जैसे कि इसके सदस्यों और औचित्य को स्पष्ट नहीं किया गया।
एसकेएम ने 24 मार्च को कृषि सचिव को लिखे एक ई-मेल में समिति की शर्तों, इसमें शामिल होने वाले संगठनों और व्यक्तियों के नाम, समिति के अध्यक्ष के नाम के बारे में जानकारी मांगी थी। साथ ही यह भी पूछा था कि क्या समिति की सिफारिशें सरकार पर बाध्यकारी होंगी।
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