नयी दिल्ली, 20 सितंबर सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली उत्पादक कंपनी एसजेवीएन लि. ने 1.18 लाख करोड़ रुपये की बिजली परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिये पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये हैं।
शेयर बाजार को दी गयी सूचना के अनुसार, पीएफसी और एसजेवीएन ने परियोजनाओं के लिये वित्तीय सहायता को लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये हैं। इन परियोजनाओं में प्रमुख रूप से नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं और ताप बिजली परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं की लागत लगभग 1,18,826 करोड़ रुपये है।
कंपनी के अनुसार, सावधि कर्ज के रूप में वित्तीय सहायता परियोजना लागत के 70 प्रतिशत तक प्रस्तावित है। इसे परियोजना जरूरतों के अनुरूप बढ़ाया जा सकता है।
पावर फाइनेंस ने एक अलग बयान में कहा, ‘‘पीएफसी और एसजेवीएन लिमिटेड ने विभिन्न परियोजनाओं के लिये वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिये समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।’’
इसमें कुल 12,178 मेगावाट क्षमता की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं (सौर, पनबिजली और पंप स्टोरेज) के साथ-साथ 660 मेगावाट की तापीय बिजली परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं की अनुमानित लागत लगभग 1,18,826 करोड़ रुपये है।
समझौता ज्ञापन पर पीएफसी के निदेशक (वाणिज्यिक) मनोज शर्मा और एसजेवीएन के निदेशक (वित्त) अखिलेश्वर सिंह ने हस्ताक्षर किये।
इस मौके पर पीएफसी की चेयरमैन और प्रबंध निदेशक परमिंदर चोपड़ा और एसजेवीएन के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक नंदलाल शर्मा मौजूद थे।
सावधि ऋण के रूप में पीएफसी की वित्तीय सहायता अस्थायी रूप से 80,000 करोड़ रुपये से 90,000 रुपये करोड़ रुपये तक प्रस्तावित है।
नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की विशिष्ट आवश्यकताओं को समायोजित करने के लिए इसे और बढ़ाया जा सकता है।
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