जरुरी जानकारी | पीपुल्स कोऑपरेटिव बैंक पर नया कर्ज बांटने, जमा स्वीकार करने से लगी छह महीने की रोक

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कानपुर स्थित पीपुल्स को-ऑपरेटिव बैंक की कमजोर वित्तीय स्थिति के कारण उसके ऊपर छह महीने के लिये नये ऋण देने और जमा स्वीकार करने से रोक दिया है। आरबीआई बृहस्पतिवार को इसकी जानकारी दी।

मुंबई, 11 जून भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कानपुर स्थित पीपुल्स को-ऑपरेटिव बैंक की कमजोर वित्तीय स्थिति के कारण उसके ऊपर छह महीने के लिये नये ऋण देने और जमा स्वीकार करने से रोक दिया है। आरबीआई बृहस्पतिवार को इसकी जानकारी दी।

रिजर्व बैंक ने कहा कि इस सहकारी बैंक से किसी जमाकर्ता को राशि की निकासी करने की भी सुविधा फिलहाल नहीं मिलेगी।

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आरबीआई ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘10 जून, 2020 को व्यवसाय बंद होने के बाद, बैंक रिजर्व बैंक की लिखित अनुमति के बिना कोई नया ऋणदेने या पुराने बकाये को नवीकृत नहीं कर सकेगा। इसके अलावा बैंक कोई नया निवेश नहीं कर सकेगा और न ही नया जमा स्वीकार कर सकेगा।’’

रिजर्व बैंक ने सहकारी बैंक के ऊपर किसी संपत्ति को बेचने, स्थानांतरित करने या उसका निपटान करने से रोक दिया है।

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केंद्रीय बैंक ने कहा, "विशेष रूप से, सभी बचत बैंक या चालू खाते या जमाकर्ता के किसी भी अन्य खाते में कुल शेष राशि को निकालने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।"

यह निर्देश 10 जून को कारोबार बंद होने के छह महीने बाद तक लागू रहेंगे और समीक्षा के अधीन होंगे।

हालांकि रिजर्व बैंक ने यह स्पष्ट किया कि इस निर्देश को सहकारी बैंक के बैंकिंग लाइसेंस को रद्द करने के रूप में नहीं लिया जाना चाहिये। बैंक अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार होने तक प्रतिबंधों के साथ बैंकिंग व्यवसाय करना जारी रखेगा।

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