नयी दिल्ली, एक सितंबर आतंकवाद के एक मामले में छह आरोपियों ने मंगलवार को दिल्ली की एक अदालत के सामने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
इन आरोपियों ने आतंकवादी संगठन आईएसआईएस का कार्यकर्ता बनने और देश में आतंकी गतिविधियां चलाने के लिए सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों के जरिए मुस्लिम युवाओं की भर्ती करने की साजिश में संलिप्तता को लेकर दोष स्वीकार किया।
आरोपी अबू अनस, मुफ्ती अब्दुल सामी कासमी, सुहैल अहमद, नफीस खान, मोहम्मद अफजल और अब्दुल्ला खान ने अदालत के सामने याचिकाएं दाखिल की जिस पर बुधवार को सुनवाई होने की संभावना है । आरोपियों के वकील कौसर खान ने इस बारे में बताया ।
विशेष न्यायाधीश प्रवीण सिंह बुधवार को मुदब्बीर मुश्ताक शेख, मोहम्मद शरीफ मोइनुद्दीन खान, आसिफ अली, मोहम्मद हुसेन खान, सैयद मुजाहिद और मोहम्मद अजहर खान की सजा पर भी सुनवाई करेंगे । इन आरोपियों ने पूर्व में अपने गुनाह कबूल किए थे ।
दोष स्वीकार करते हुए आरोपियों ने अदालत से कहा कि ‘उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर उन्हें पछतावा है’ और भविष्य में इस तरह की किसी भी गतिविधि में वे शामिल नहीं होंगे।
वकील खान ने आगे अदालत को बताया कि आरोपी मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं और खुद का पुनर्वास चाहते हैं ।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने नौ दिसंबर 2015 को आईपीसी की विभिन्न धाराओं और यूए (पी) कानून के तहत मामला दर्ज किया था। एनआईए ने कहा कि यह मामला विभिन्न सोशल मीडिया मंचों के जरिए भारत में मुस्लिम युवाओं की भर्ती करने की आईएसआईएस की वृहद साजिश से जुड़ा है।
एनआईए ने 2016-17 में आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए थे ।
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